मैनपुरी-किशनी। छह महीने पहले अधिकारियों के शोषण से परेशान होकर एक अनुदेशक ने आत्महत्या का प्रयास किया था। सही समय पर परिजनों को जानकारी होने के चलते उसे बचा लिया गया था। अनुदेशक के भाई ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत भी की थी। जिस पर आयोग ने डीएम को जांच करने के आदेश दिए हैं।
किशनी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशक जितेंद्र सिंह की छह माह पहले बीआरसी कार्यालय से बीएलओ के पद पर ड्यूटी लगा दी गई। नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने का उन्होंने विरोध किया तो अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। इससे आहत होकर नौ अक्तूबर 2018 को अनुदेशक ने अपने पैतृक गांव रकरी में फांसी लगा ली थी। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर जितेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी जांच बच गई थी।
जितेंद्र के भाई नवीन ने खंड शिक्षाधिकारी सर्वेश यादव और एबीआरसी श्याम सिंह यादव पर जातिसूचक गाली देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। नवीन ने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग लखनऊ से भी की थी। जिस पर आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एस रफत आलम ने डीएम मैनपुरी से मामले में जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है।