मैनपुरी। जमीन के विवाद में गांव के ही रहने वाले छात्र की हत्या के आरोपी प्रधानाचार्य को अपर जिला जज तैयब अहमद ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्यारोपी शिक्षक को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
थाना करहल के गांव कंझरा निवासी राहुल यादव की 13 जनवरी 2013 को रामलाल, रामनरेश, सतेंद्र और शीलेंद्र ने हत्या कर दी थी। फिरोजाबाद जिले में रामनरेश यादव प्रधानाचार्य और रामलाल यादव शिक्षक हैं। रामसेवक ने चारों के खिलाफ राहुल की हत्या करने की रिपोर्ट लिखाई थी। जांच में पुलिस ने चारों को दोषी पाकर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज तैयब अहमद की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। गवाही के आधार पर रामनरेश को हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम ने अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। रामलाल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
मैनपुरी। हत्यारोपी प्रधानाचार्य रामनरेश यादव को राहुल की हत्या में पुलिस ने जेल भेजा था। उनकी जिला जज की अदालत से जमानत खारिज हो गई। हाईकोर्ट से भी उनको जमासनत नहीं मिली। तीन महीने पहले उनको तीन महीने की पैरोल मिली थी। सजा सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
चचेरे भाइयों की अलग हो रही सुनवाई
मैनपुरी। राहुल की हत्या करने के आरोपी सतेंद्र और शीलेंद्र चचेरे भाई हैं। दोनों पांच साल तक फरार रहने के बाद कोर्ट में हाजिर हुए। उनके मुकदमे की अलग से दूसरी अदालत में सुनवाई की जा रही है। जमीन के विवाद में राहुल की हत्या की गई थी।