फिरोजाबाद। हड़ताल से कांच की चूड़ी का कारोबार चटक गया है। सौ से अधिक पकाई भट्ठियां ठंडी पड़ गई हैं। दुकानदारों ने संघर्ष समिति का गठन किया है। एकजुट हुए चूड़ी दुकानदारों ने कहा जब तक कारखाना संचालक बढ़ी रेट वापस नहीं लेंगे चूड़ी का माल नहीं उठाया जाएगा।
गैस की रेट बढ़ने के बाद उत्पादन लागत बढ़ जाने से कारखाना संचालकों ने पांच रुपये प्रति तोड़ा चूड़ी पर रेट बढ़ा दी है। इससे पहले भी पांच रुपये रुपये बढ़ाए गए थे। दुकानदारों का कहना है कि बाहर की मंडियों में वैसे भी मंदी की स्थिति है और अभी रेट बढ़ाए नहीं जा सकते। ऐसे में दुकानदार कारखाना संचालकों को बढ़ी हुई रेट पर भुगतान क्यों करें। चूड़ी बेचने वाले दुकानदारों की आम सभा हनुमान रोड स्थित लोटनलाल की धर्मशाला पर हुई।
उधर पकाई भट्ठी संचालकों ने प्रति तोड़ा पांच रुपये और प्रति कट्टा तीन रुपये पकाई की रेट बढ़ाने की मांग दुकानदारों से की है। पकाई भट्ठी समिति ने इसका पत्र एएलसी कार्यालय को दिया है। पकाई भट्ठी संचालकों ने काम बंद कर दिया है। पूरे शहर में सौ से अधिक पकाई भट्ठियां ठंडी पड़ गई हैं।
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक चूड़ी संघ, तमिलनाडू चूड़ी विक्रेता संघ, नेपाल चूड़ी विक्रेता संघ, यूपी बिहार बंगाल बैंगिल्स एसोसिएशन और पूर्वांचल चूड़ी विक्रेता संघ की संयुक्त आम सभा हनुमान रोड स्थित धर्मशाला में हुई। फैसला लिया दुकानदार कारखानों से न बढ़ी दर पर माल लेंगे और न ही पकाई भट्ठी संचालकों को बढ़ी दर पर भुगतान करेंगे। दुकानदारों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन देगा। चूड़ी विक्रेता संघ के आनंद अग्रवाल, केशव गुप्ता, बनारसीदास गुप्ता, हाजी अली, वीरेंद्र कठेरिया, कपिल अग्रवाल, संजय, मनोज गुप्ता मौजूद थे।
पकाई भट्ठी संचालकों की अजंता ग्लास में हुई बैठक में तय किया गया कि 12 अक्तूबर को एएलसी कार्यालय पर बैठक बुलाई गई है। तब तक पकाई भट्ठियों में काम नहीं लगेगा। बैठक में यूनिस खान, ईशू शर्मा, प्रवेश गौतम, पूरन वर्मा, हाजी विलाल, रवि यादव मौजूद थे।
पकाई भट्ठी पर काम करने वाले मजदूरों ने हड़ताल नहीं की भट्ठी संचालकों ने अघोषित तालाबंदी की है। बिना किसी नोटिस और पूर्व सूचना के पकाई भट्ठियां बंद कर दी है इससे हजारों मजदूर बिना काम के बेरोजगार हो गया है। मजदूर को सौ रुपये, चिनाई और पोराई करने वाले मजदूर को 80-80 रुपये मजदूरी पिछले पांच साल से दी जा रही है। पांच साल से मजदूरी नहीं बढ़ाई गई है।