नगर में 15 अगस्त पर तिरंगा यात्रा एवं अन्य तरह के जुलूस निकाले जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरी सख्ती शुरू की दी है। यात्रा की अनुमति मांगने वाले लोगों को चिह्नित करके उनके खिलाफ 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद करने की कार्रवाई की गई है। अब तक 90 लोगों पर यह कार्रवाई कर ली गई है। प्रशासन लगातार ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहा है।
26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के बाद शहर में हिंसा के हालात पैदा हो गए। एक युवक चंदन गुप्ता की हत्या हुई थी। हिंसा के हालात कई दिन तक चलते रहे। कई दुकान, मकानों में आग लगाई गई। कासगंज की हिंसा देशभर की सुर्खियों में रही। इस हिंसा की घटना के बाद जिले में माहौल खराब करने की कई बार कोशिशें हुईं। जैसे तैसे स्थिति पर नियंत्रण किया गया।
15 अगस्त पर फिर से तिरंगा यात्रा और जुलूसों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। प्रशासन ने पूरे शहर का सुरक्षा प्लान तैयार कर लिया है। पूरे शहर में 10 दिन पहले से ही पुलिस ने ड्यूटी लगा दीं हैं। अतिरिक्त पुलिस बल भी बाहरी जनपदों से पहुंच रहा है। जिलाधिकारी ने धारा 144 लागू कर दी है। अभी तक प्रशासन ने किसी भी संगठन को तिरंगा यात्रा व जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी है। प्रशासन की मंशा को देखते हुए लगता है प्रशासन भी किसी भी संगठन को अनुमति देने की रिस्क नहीं लेना चाह रहा। इसके लिए अनुमति लेने वाले संगठन से जुड़े लोगों एवं संभावित लोगों को मुचलकों पर पाबंद करने की कार्रवाई की गई है। 90 लोगों को अब तक पाबंद किया गया है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई से खलबली मची है।