कासगंज। कासगंज-अतरौली मार्ग पर शनिवार को एक युवक ने हजारा नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। सूचना पर परिजन और ग्रामीण वहां पहुंच गए। काफी देर तक पुलिस द्वारा युवक का शव नहीं ढूंढने पर लोगों में आक्रोश फैल गया और लोगों ने जाम लगा दिया। परिजनों ने वाहन चेकिंग के नाम पर युवक का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। आक्रोश की स्थिति को देखते पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाबुझाकर तकरीबन एक घंटे बाद जाम खुलवाया। हालांकि देर शाम तक लापता युवक का शव नहर से बरामद नहीं हो सका है। पीएसी की फ्लड यूनिट नहर में युवक को तलाश कर रही है। इधर, जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
अलीगढ़ के दादौं के गांव नगला भुढ़िया निवासी सर्वेश (18) पुत्र ओमकार बाइक से शुक्रवार देर शाम कसेरे अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। सोरों पुलिस ने चेकिंग के दौरान उसकी बाइक रोक ली। कागज नहीं दिखाने पर पुलिस ने बाइक सीज कर पांच हजार रुपये की पर्ची उसे पकड़ा दी। गाड़ी सीज होने पर वह गांव लौट आया। उसने बाइक छुड़ाने के लिए परिजनों से पुलिस को देने के लिए पांच हजार रुपये मांगे लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। इसके बाद युवक शनिवार सुबह घर से लौट आया और हजारा नहर पर रुक गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार सुबह तकरीबन 10 बजे युवक ने नहर में छलांग लगा ली। युवक के कूदते ही उसी नहर पर ढकेल आदि लगाने वाले कुछ युवक भी उसके पीछे नहर में कूदे। युवकों ने एक बार तो उसे बचा लिया, लेकिन सर्वेश ने उनको धक्का देकर हटा दिया और फिर से नहर में चला गया। इसके बाद उसका पता नहीं लगा। घटना की जानकारी पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ गोताखोर युवकों ने उसकी तलाश की, लेकिन युवक का पता नहीं चला। सूचना पर ढोलना पुलिस भी मौके पर आ गई। दोपहर तकरीबन एक बजे तक पुलिस की ओर से युवक की तलाश के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई तो लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने नहर के किनारे अवरोधक डालकर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा गाड़ी छोड़ने के लिए पांच हजार रुपये मांगे गए थे और सर्वेश के साथ मारपीट भी की थी। इससे क्षुब्ध होकर उसने नहर में छलांग लगा दी। इधर, घटना के बाद जाम की सूचना पर एडीएम न्यायिक मनीष नाहर, एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम देवेंद्र प्रताप, तहसीलदार बीएनराम, सीओ बीएस वीर कुमार मौके पर आ गए। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर तकरीबन एक घंटे बाद जाम खुलवाया। इधर, देर शाम तक पीएसी की फ्लड यूनिट युवक के शव की तलाश कर रही थी।
चचेरा भाई है अलीगढ़ में भर्ती
कासगंज। युवक का चचेरा भाई चेतन (8) पुत्र वीरपाल निवासी नगला भुढ़िया दादों पांच जून को बिजली का तार टूटकर गिरने से झुलस गया था। उसे अलीगढ़ में भर्ती कराया गया है। वह अलीगढ़ में अपना इलाज करा रहा है। उसके इलाज के लिए रुपये लेने के लिए ही सर्वेश कसेरे जा रहा था।
यूपी 100 गंभीरता दिखाती तो नहर में नहीं कूदता युवक
कासगंज। कासगंज-अतरौली मार्ग पर यूपी 100 की तैनाती का प्वाइंट है। शनिवार को गाड़ी खड़ी थी। युवक सर्वेश सुबह से नहर के पुल के पास चहलकदमी कर रहा था। वह बाइक पकड़े जाने से काफी परेशान था। रिश्तेदार राजाराम ने बताया कि उनके भाई विजेंद्र जब उधर से गुजरे तो उसने युवक को देखा तो उससे पूछताछ की। वह यूपी 100 पुलिस को भी युवक का ध्यान रखने की कहकर गया, लेकिन पुलिस ने लापरवाही बरती और युवक ने नहर में छलांग लगा दी।
जाम में फंस गई एंबुलेंस
कासगंज। मार्ग पर जाम के दौरान बिलराम की ओर से एक गर्भवती महिला को लेकर एंबुलेंस भी पहुंच गई। हालांकि जाम के दौरान लोगों ने एंबुलेंस को नहीं निकलने दिया। इसके बाद एबुंलेंस चालक अन्य रास्तों से होकर प्रसूता को अस्पताल ले गया।
मां में पुलिस के खिलाफ था आक्रोश
कासगंज। युवक की मौत ने उसकी मां गुड्डो देवी को बेहाल कर दिया है। उसकी मां में पुलिस के प्रति जबरदस्त आक्रोश था। मां बार-बार पुलिस को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराती हुई कोस रही थी।
सोरों पुलिस के बाइक चालक सर्वेश से धन मांगने और नहर पर तैनात यूपी 100 पुलिस पर लापरवाही के आरोपों की जांच की जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-पवित्र मोहन त्रिपाठी, अपर पुुलिस अधीक्षक