मथुरा। नोटबंदी में सोने-चांदी की खरीद के फर्जी बिल तैयार करके करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले सराफ पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरूकर दिया है। कोतवाली पुलिस ने सराफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले पोशाक कारीगर से कागजात मांगे हैं। बुधवार को पोशाक कारोबारी सराफ का पूरा काला चिट्ठा पुलिस को सौंपेगा।
आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद गऊघाट निवासी मथुरा के सराफ नीरज अग्रवाल ने सोने-चांदी की खरीद को फर्जी बिल तैयार किए। यह बिल पोशाक कारोबारी नीरज कुमार के नाम से तैयार किए गए। इस मामले चौबियापाड़ा के रतनकुंड निवासी नीरज कुमार पुत्र जवाहर लाल ने गऊघाट निवासी नीरज अग्रवाल (ज्वैलर्स), जगन्नाथपुरी निवासी अमित उर्फ बंटी और सात-आठ अज्ञातों के खिलाफ कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली पुलिस ने पीड़ित पोशाक करोबारी से पूरे कागजात मंगवाए हैं। हालांकि अभी तक पीड़ित पुलिस के पास कागजात लेकर नहीं पहुंचा। कोतवाली प्रभारी शिवप्रताप सिंह ने बताया कि पोशाक कारोबारी नीरज कुमार को कागजातों के साथ बुलाया गया है। सुबूत मिलने के बाद ही सराफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को पोशाक कारोबारी सराफ का काला चिट्ठा लेकर कोतवाली पहुंचेगा।