मैनपुरी। किसानों की परंपरागत खेती से मोहभंग हो रहा है। अब वे नई दिशा की ओर कदम बढ़ाने लगे हैं। बेवर क्षेत्र के गांव बड़ेपुर निवासी देवेंद्र सिंह फूलों की खेती को अपना घर संसार बना रखा है। साथ ही वह इससे अपने जीवन की बगिया भी महका रहे हैं। वहीं, क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गए हैं।
दो बीघा रकबे के साथ फूलों की खेती शुरू करने वाले देवेंद्र सिंह आज 28 बीघा रकबा के साथ फूलों की खेती कर रहे हैं। इतना ही नहीं फूलों की ज्यादा पैदावार को लेकर कानपुर में पांच अक्तूबर को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। अब तक की बात करें तो उन्हें 15 बार सम्मानित किया जा चुका है। देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 12वीं तक ही पढ़ाई की है। इसके बाद वह खेती करने में लग गए।
जिले के अधिकारियों और उद्यान विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से उन्होंने दो बीघा क्षेत्र में फूलों की खेती करना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे 28 बीघा का रकबा कर लिया। फूलों की खेती वह पिछले सात सालों से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन फूलों को दिल्ली में बेचा जाता है। सुबह गाड़ी के माध्यम से फूलों को दिल्ली भेज दिया जाता है। वहां एजेंट फूलों को बेच देता है और शाम को जिस भाव से फूल बिकते हैं उसका मैसेज आ जाता है।
पहले बाहर से मंगाते थे, अब स्वयं बाहर भेजते हैं
फूलों की खेती करने वाले देवेंद्र सिंह ने जब फूलों की खेती करना शुरू किया था तो बाहर से बीज मंगाते थे, लेकिन उसके बाद से वह अपने ही खेत में बीज को उगाने लगे। इसका उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिलता है। उनका कहना है कि पिछली बार हिमाचल में बीज को भेजा था, जिसकी कीमत 12 से 15 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मिली थी।
इस बार गर्मियों में भी उगाएंगे फूल
उन्होंने बताया कि सात साल में पहली बार वह गर्मियों में भी फूल उगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए सभी तैयारियों को पूरा कर ली है। इसके लिए बीज भी तैयार कर लिया गया है।
इनकी होती है खेती
फूलों की खेती शुरू करने के बाद उन्होंने कई प्रकार के फूलों को उगाना शुरू कर दिया है। इसमें पीली गुल्दा, सफेद गुल्दा, गेंदा, सफेद ग्लायडोजलस, पीला ग्लायडोजलस, नीला ग्लायडोजलस आदि फूलों को उगा रहे हैं।