मथुरा। कड़ाके की सर्दी में लगातार गिर रहा तापमान आलू की फसल पर भारी पड़ रहा है। 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान आ जाने के कारण आलू की फसल मेें झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिले में 18 हजार किसानों ने 16 हजार हेक्टेयर में मथुरा, बलदेव, राया और फरह ब्लाक में आलू की फसल बोई है। एक सप्ताह से लगातार कोहरा और पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान से आलू की फसल खासी प्रभावित हो रही है। इससे आलू की फसल में तना सड़ने और झुलसा रोग की प्रबल संभावना बन गई है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंताजनक है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि स्वस्थ आलू की खेती के लिए तापमान कम से कम 10 होना चाहिए। इसके अलावा रोजाना धूप मिलने पर अच्छा आलू पैदा होता है, लेकिन एक सप्ताह से तापमान लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में फसल का तना सड़ने और झुलसा रोग से बचाव के लिए आलू किसान फसल की सिंचाई करें और रोकथाम के लिए गंधक के पानी का छिड़काव करें। कमजोर फसल पर दो लीटर मेंकोजेड ई बी दवा को 500 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से स्प्रे करें। साथ ही खेत के आसपास आग जलाकर फसल को तपाएं।