एटा। नवंबर में संपन्न छमाही परीक्षाओं का अभी रिजल्ट भी नहीं बना कि वार्षिक गृह परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फरवरी में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं के चलते शिक्षा सत्र की वार्षिक गृह परीक्षाएं जनवरी में सपंन्न करानी होंगी। बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं तीस दिसंबर से प्रस्तावित हैं।
दशक के सबसे छोटे छह माह के शिक्षा सत्र में पढ़ाई के दिन पूरे हो गए हैं। 30 दिसंबर से बोर्ड प्रैक्टीकल परीक्षाएं कराई जाएंगी। सत्र्एक अप्रैल से नए प्रवेश के लिए वार्षिक गृह परीक्षाओं का परिणाम 31 मार्च तक जरूरी हो गया है।
शिक्षक नेता मुकेश शर्मा के अनुसार शासन की अव्यवहारिक नीति के चलते शिक्षा सत्र सबसे छोटा ही नहीं वरन हौच-पौच भी रहा। जुलाई से शुरू हुई कक्षाएं दिसंबर में ही बंद हो रही हैं। जनवरी माह बोर्ड प्रैक्टीकल और वार्षिक गृह परीक्षाओं के नाम होगा। फरवरी और मार्च बोर्ड परीक्षा एवं मूल्यांकन में गुजरेगा।
प्रधानाचार्य मनोज कुमार तिवारी ने बताया एक अप्रैल से प्रस्तावित 2018-19 शिक्षा सत्र के लिए वार्षिक गृह परीक्षाओं का रिजल्ट 31 मार्च तक घोषित होना अनिवार्य है। ऐसे में जनवरी में परीक्षाएं कराना ही विकल्प है।
बोर्ड परीक्षा केंद्र वाले विद्यालयों को वार्षिक गृह परीक्षाएं जनवरी में करानी होंगी। ताकि समय से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सके। तीस दिसंबर से बोर्ड प्रैक्टीकल, छह फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं।
- एसपी यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक