मथुरा। लापरवाह प्रशासन ने हजारों लोगों से वोट का अधिकार छीन लिया। गुस्साए लोगों ने मतदान केंद्र पर हंगामा किया। आजमपुर, सराज आजमाबाद और रानी मंडी, रतनलाल फूल कटोरी में लोगों ने अफसरों पर खूब आरोप लगाए। मतदान केंद्रों पर प्रदर्शन किए गए। वोटर लिस्ट से मोहल्ले के मोहल्ले और कालोनियां गायब हैं।
नगर निकाय चुनाव में हर मतदान केंद्र और बूथ पर वोटर लिस्ट की गड़बड़ियां गूंजती रहीं। हर जगह वोटर लिस्ट का ही हंगामा रहा। किसी का नाम नहीं था तो किसी के घर का पता गलत था। राधेश्याम कालोनी के भी तमाम लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं थे। बुजुर्ग रोशन सिंह जब वोट डालने के लिए पहुंचे तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कहने लगे कि विधानसभा चुनाव में वोट डाला था। लेकिन अब वोट ही नहीं है।
जयसिंहपुरा के वार्ड पर भी कई लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। धर्मलोकनगर निवासी लाखन सिंह के पूरे परिवार के वोट काट दिए गए। वह रामनलाल शोरा वाला में परिवार के साथ वोट डालने के लिए आया था लेकिन वोट नहीं था। 70 वर्षीय मंजू देवी का नाम बदलकर कला कर दिया गया। वह भी वोट नहीं डाल सकीं। गोविंद विहार निवासी विनोद कुमार रेशम देवी स्कूल में स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने गए थे। लेकिन इनका वोट नहीं था।
विश्व लक्ष्मीनगर निवासी अश्वनी खंडेलवाल भी अपने परिवार के साथ वोट डालने गए तो किसी भी वोट नहीं था। मारू गली निवासी रमेश चतुर्वेदी के भी परिवार के वोट गायब थे। उनका कहना है कि पूरा मोहल्ले ही वोटर लिस्ट से साफ है। मथुरा के साथ वृंदावन में भी वोटर लिस्ट की खामियां गूंजती रहीं। इनमें राधा निवास, गौरा नगर कालोनी, सेवा कुंज, बांकेबिहारी क्षेत्र, बनखंडी, गोशाला नगर, अटलवन, अनाज मंडी, गोपीनाथल बाजार आदि शामिल हैं।
इन इलाकों में गायब हैं लोगों के नाम
धर्मलोकनगर, तेज नगर, विश्वलक्ष्मीनगर, मारू गली, गायत्री नगर, शांति नगर, बलदेव पुरी माधवपुरी, कृष्णानगर, डायबिल नगर, जयसिंहपुरा, चौबियापाड़ा, गजापाइसा, सतगड़ा, भरतपुरगेट, प्रताप नगर, ईस्ट प्रतापनगर, औरंगाबाद, आजमपुर, सराय आजमाबाद, दामोदरपुरा, मंडी रामदास, रानी मंडी, डैंपियरनगर, वाल्मीकि बस्ती व तैयापुर।