कासगंज कार्यक्रम सूचना के लिए फोटो- कोरोना का टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी
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कासगंज। प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते चौथी लहर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना से टीका ही बचा सकता है, लेकिन जिला में अभी भी 12 से 14 साल तक की आयु के 55 प्रतिशत बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। वहीं, छह प्रतिशत किशोरों ने भी अभी अपनी टीका की पहली डोज नहीं लगवाई है।
कोरोना के खतरे को देखते हुए 16 मार्च को 12 से 14 साल तक की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया गया। अभियान को शुरू हुए डेढ़ माह का समय हो चुका है। इस अवधि में मिशन इंद्रधनुश, पोलियो अभियान चलने का असर कोरोना टीकाकरण अभियान पर पड़ रहा है। एएनएम के इन टीकाकरण अभियान में व्यस्त हो जाने से बच्चों को कोरोना के अपेक्षित टीके नहीं लग पा रहे। अभी तक मात्र 45.3 प्रतिशत बच्चों को ही टीका की पहली डोज लगी है। 44.7 प्रतिशत बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। जबकि 1.8 प्रतिशत बच्चों ने टीका की दूसरी डोज लगवाई है। वहीं, 15 से 17 साल तक की आयु के किशोरों की बात की जाए तो 94.6 प्रतिशत किशोर अपनी पहली डोज लगवा चुके हैं। 5.4 प्रतिशत किशोर पहली डोज लगवाने से वंचित हैं। किशोरों की दूसरी डोज लगवाने की स्थित जिला में अच्छी नहीं है। 47.4 प्रतिशत किशोरों को ही दूसरी डोज लगी है। कोरोना ने एक बार फिर से अपनी दस्तक दे दी है। प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला में भी कोरोना दस्तक दे चुका है। एक मासूम बालक सहित दो लोग पिछले दिनों संक्रमित निकल आए।
आयु वर्ग लक्ष्य पहली डोज दूसरी डोज
12 से 14 वर्ष 60822 27526 1114
15 से 17 वर्ष 100765 95326 47726
कोरोना टीकाकरण के बीच में ही मिशन इंद्रधनुश, एवं पोलियो अभियान चलाया गया, जिसका असर कोरोना टीकाकरण पर पड़ रहा है। वैसे विभाग के द्वारा लगातार सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। जल्द ही लक्ष्य की पूर्ति कर ली जाएगी। - डा. अंजुश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी