मैनपुरी। लंबित मुकदमों को दोनों पक्षों की सहमति से निपटाने के लिए 12 नए मध्यस्थ बनाए जाएंगे। यह मध्यस्थ दीवानी में संचालित मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता कराकर मुकदमों का निस्तारण कराएंगे।
न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम करने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल की है। मध्यस्थ हाेने के लिए वकालत के पेशे में 15 साल का अनुभव अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में आठ मध्यस्थ काम कर रहे हैं। एक दिन में दो मध्यस्थ ही सुनवाई करते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कमल सिंह अपर जिला जज ने बताया कि मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में 12 नए मध्यस्थ बनाए जाएंगे। नए मध्यस्थ बनने के बाद और अधिक मामले समझौते से निस्तारित हो सकेंगे।