फिरोजाबाद। अगर कोई मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती है और उसे रक्त की जरूरत है तो परेशानी नहीं होगी। मरीज के लिए निशुल्क खून की व्यवस्था होगी। सिर्फ रक्तदाता को ले जाना होगा। प्रोसेसिंग शुल्क भी नहीं देना होगा। एनएचएम ने ब्लड बैंक को आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक फीस नहीं लेने का अधिकार सीएमएस का होता था।
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों से रक्त लेने के लिए 470 रुपये प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ती थी। कई बार गरीब मरीजों पर यह धनराशि का भुगतान करने में दिक्कत आती थी। अब इस फीस का भुगतान ब्लड बैंक को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन करेगा। अब खून के लिए केवल ब्लड डोनर को साथ ले जाना होगा। एनएचएम निदेशक पंकज कुमार ने मरीजों से शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा जननी शिशु सुरक्षा योजना की लाभार्थियों के साथ हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल के मरीजों को राहत दी गई है। इन मरीजों को ब्लड डोनर की व्यवस्था नहीं करनी होगी। उन्हें जरूरत के मुताबिक बिना रक्तदाता को मुफ्त में रक्त मिल सकेगा। इसके लिए मरीजों का अस्पताल में भर्ती होना और उस अस्पताल में पंजीकृत होना जरूरी होगा। एनएचएम को सभी अस्पतालों के डिस्प्ले बोर्ड पर इसकी सूचना प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।