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अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 34 दुकानें गिराईं

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एटा। सड़क किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गईं दुकानों पर रविवार सुबह प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया गया। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई के दौरान कचहरी और जीटी रोड पर अवैध रूप से निर्मित 34 दुकानों को गिरवाया। इस दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

दरअसल, वर्ष 2015 में कचहरी और जीटी रोड पर सड़क किनारे जिला पंचायत ने 24 और नगर पालिका ने 10 दुकानों का निर्माण कराया था। दुकानों के निर्माण को लेकर जिला पंचायत और नगर पालिका ने प्राधिकारी विनयमित क्षेत्र से कोई नक्शा पास नहीं कराया और न ही बोर्ड बैठकों में कोई प्रस्ताव पास हुआ। पिछले दिनों शासन के एंटी भूमाफिया अभियान के तहत विनियमित क्षेत्र में शिकायत की गई, तो मामले में तेजी आई। विनयमित क्षेत्र के सभापति एसडीएम ने मामले की सुनवाई की।
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इसके तहत 19 जुलाई 2018 को दुकान आवंटियों को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा गया, लेकिन डेढ़ महीने तक दुकान आवंटियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 31 अगस्त को एसडीएम महेंद्र सिंह तंवर ने दुकानों को तोड़ने का आदेश जारी किया। फिर भी दुकान आवंटियों को अपील का मौका दिया गया, तो 28 सितंबर को कुछ आवंटियों ने अपील दायर की। जिसे डीएम ने खारिज कर दिया। शनिवार को मामले में वार्ता के लिए कलक्ट्रेट में बैठक बुलाई गई।

जिसमें एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, जल निगम, विद्युत, नगर पालिकाध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष की मौजूदगी में सुनवाई की गई। जिसमें पाया गया कि रोड साइड कंट्रोल एक्ट के तहत दुकानों का निर्माण पूरी तरह से अवैध है। जिला पंचायत और नगर पालिका की ओर से भी मामले में बेहतर पैरवी नहीं की जा सकी। जिसमें डीएम ने 31 अगस्त के आदेश को यथावत रखते हुए दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई के लिए विनयमित क्षेत्र के प्राधिकारी एसडीएम को निर्देश दिए।
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रविवार सुबह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम महेंद्र सिंह, एएसपी संजय कुमार और सीओ सिटी वरुण सिंह, सीओ अजय भदौरिया के नेतृत्व में दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने सबसे पहले जीटी रोड पर बनाई गई नौ दुकानों को तुड़वाया। इसके बाद कचहरी रोड की 24 दुकानों को गिराने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। साथ ही क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि डीएम के निर्देश पर अवैध निर्माण को तुड़वाया गया है। जिसमें सभी को सुनकर फैसला लिया गया। अतिक्रमण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


ये है एक्ट
यूपी रोड साइट कंट्रोल एक्ट के तहत किसी भी सार्वजनिक भूमि पर निर्माण नहीं किया जा सकता है। अगर ऐसा किया जाता है, तो वह निर्माण अवैध माना जाएगा।
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