एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में हुए गबन दोषियों को बचाने की फेहरिस्त में एक नया मामला जुड़ा है। प्रधान को गबन का दोषी पाए जाने के बाद भी प्रशासन प्रधान को बर्खास्त नहीं कर सका है। साथ ही गांव में डीएम के निर्देश के बाद भी समिति का गठन नहीं किया गया है। ऐसे में गांव विकास कार्य अटके पड़े हैं। ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
शीतलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बहादुरगढ़ कासिमपुर में विकास कार्यों में मनमानी करने की शिकायत की गई थी। मामले में पंचायत राज विभाग के परियोजना समन्वयक ने जांच के दौरान प्रधान सुनीता देवी और पंचायत सचिव द्वारा 10 लाख 44 हजार रुपये का गबन शौचालय निर्माण में किए जाने की रिपोर्ट सौंपी थी। मामले में डीएम अमित किशोर ने प्रधान को निलंबित करते हुए त्रिस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। मगर अब तक गांव में समिति का गठन नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने अब तक गांव में समिति का गठन नहीं होने से विकास कार्य अटके होने की शिकायत की है। बताया जाता है कि सचिव की मनमानी से प्रधान को बचाने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता सर्वेंद्र सिंह ने डीएम से प्रधान को बर्खास्त कर समिति का गठन कराने की मांग की है।