फिरोजाबाद। टीबी को खत्म करने के लिए सरकार पोलियो की तर्ज पर अभियान चला रही है। निजी डॉक्टरों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और दवा की सुविधा देने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। अब निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को मेडिकल स्टोर से टीबी की दवा मुफ्त मिलेगी। दवा की संभावित खपत का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने 2025 तक देश से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए वृहद अभियान छेड़ दिया है। ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ के तहत घर-घर रोगी खोजे जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की मुफ्त जांच और दवा उपलब्ध कराने के निर्देश डॉक्टर को दिए जा चुके हैं। मेडिकल स्टोर पर मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
टीबी मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के लिए डॉट्स सेंटर बनाए गए हैं। तमाम मरीज डॉट्स सेंटर आने से गुरेज करते हैं। इसलिए सरकार मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर की लिखी दवा मुफ्त में उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए मरीज का विभाग में पंजीकरण अनिवार्य होगा। मेडिकल स्टोर से मुफ्त दवा के लिए मरीज को डॉक्टर का लिखा पर्चा दिखाना होगा। दवा का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। केमस्ट के लिए अलग से धनराशि तय की जा सकती है।