एटा। छोटे मजरे पक्की डामर की सड़क से अछूते हैं। इनको लिंक मार्गों से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने पहले सभी राजस्व गांवों को सड़क से जोड़ा था। अब सरकार हर 250 की आबादी वाले गांवों तक डामर की सड़क पहुंचाने जा रही है। इस पहल से कच्चे मार्गों और खड़ंजों से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी को सरकार की ओर से फरमान जारी किया है, इसमें ऐसे मजरे जिनकी आबादी 250 तक है और वह आज भी पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं। उनको लिंक मार्ग से जोड़ने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए जा रहे सर्वे में ऐसे गांव चिह्नित किए जाएंगे, जिनकी आबादी 250 या इससे अधिक है और वह पक्की सड़क से दूर हैं। गांवों का चयन करने के बाद शासन को विभाग रिपोर्ट भेजेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायतें और राजस्व गांवों तक करीब डामरीकरण हो चुका है। ग्राम पंचायतों के मजरे पक्की सड़कों से अछूते थे, इनको शासन की मंशा के अनुरूप जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी हैं। अब शायद ही कोई गांव बचेगा जो डामर सड़क से दूर रहे। सहायक अभियंता अजय कुमार का कहना है कि 250 से अधिक जनसंख्या वाले मजरों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए गेांव चिह्नित कर लिए गए हैं। इनका सर्वे शुरू करा दिया गया है जल्द ही मजरे भी पक्की सड़कों से जोड़ दिए जाएंगे।