छाता (मथुरा)। नरी-सेंमरी स्थित देवी मंदिर पर तड़ातड़ लाठियां बरस रही थीं। झूला वाले की जय, देवी मैया की जय के जयकारों से मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो गया। मंदिर पर लाठियां बरसते देख पहली बार मेले में आए श्रद्धालुओं भयभीत हो गए। हर कोई आश्चर्यचकित था। जी हां हम बात कर रहे हैं यदुवंशियों की नरी सेंमरी देवी मां के मंदिर पर की गई पूजा की। यहां नवमी के दिन यदुवंशियों द्वारा लट्ठ पूजा की जाती है।
शनिवार को यदुवंशियों ने परंपरागत रूप से लट्ठों से देवी की पूजा की। नरी के ग्रामीण बैंडबाजे पर घोड़ियां नचाते पहुंचे। ग्रामीण उछलते-कूदते देवी मां के जयकारे लगाते पहुंचे। दोपहर 2:50 बजे सांखी, अलवाई, रहेड़ा के लोग लट्ठ पूजा को पहुंचे।
मंदिर के महंत मोहित ठाकुर, शेरपाल, मान सिंह, कुशल, किशन सिंह, पप्पू, अजय सिंह ने बताया कि गौरे ठाकुर तथा यदुवंशियों के बीच पूजा अर्चना व सीमा विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें यदुवंशी विजयी हुए थे। दूसरी ओर गौरे ठाकुरों का कहना है कि इसमें उनकी विजय हुई थी। अनौखी लट्ठ पूजा को देखने के लिए विभिन्न देश-विदेश से देवी भक्त आते हैं।
लट्ठ पूजा के दौरान एसडीएम रामदत्तराम, सीओ जगदीश कालीरमन, कोतवाली प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा, मेला प्रभारी वेदपाल सिंह, एसआई प्रवेंद्र कुमार, संदीप सिंह, कल्यान सिंह, ठा. अभयपाल सिंह, गिर्राज सिंह, कल्लन सिंह, अशोक भार्गव, राजू भार्गव, रामहेत भगत आदि मौजूद थे। मंदिर परिसर में मुंडन संस्कार हो रहे थे। भक्त कुंड में स्नान व आचमन ले रहे थे।