कासगंज। देश के 17वें लोकसभा चुनाव के समय सीमा पर तनाव है। देश के सैनिक पूरी सजगता के साथ सीमाओं पर देश की रक्षा में जुटे हैं। लोकतंत्र के महोत्सव में सैनिक भी सीमा से ही अपने नेता को चुन सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन बैलेट पेपर निर्वाचन विभाग की ओर से सैनिकों के संबंधित रिकॉर्ड ऑफिस को भेजे जाएंगे। यहां से निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गए लिफाफों से मतपत्र वापस आएंगे।
एटा संसदीय क्षेत्र में करीब 2750 जवानों के मत हैं, जो सर्विस मतदाता के रूप में दर्ज हैं। यह जवान अलग-अलग विभिन्न यूनिटों में तैनात हैं। इन सैनिकों को सीमा से अपने मत का प्रयोग करने का अधिकार मिला है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इसकी सूचियां तैयार कर ली गई हैं। हालांकि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोट डालने के लिए बैलेट पेपर तैयार किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया होने के बाद बैलेट पेपर बनते ही ऑनलाइन सैनिकों के संबंधित रिकॉर्ड ऑफिस को भेजे जाएंगे। विगत चुनाव में पूरा मतपत्र निर्वाचन विभाग के द्वारा रिकॉर्ड ऑफिस को भेजा जाता था, लेकिन 17वीं लोकसभा के चुनाव में ऑनलाइन मतपत्र भेजने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। निर्वाचन विभाग केवल खाली लिफाफा ही रिकॉर्ड ऑफिस को भेजेगा। इन लिफाफों में रखकर मतपत्र रिकॉर्ड ऑफिस से वापस भेजे जाएंगे। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कर्णवीर सक्सेना ने बताया कि सीमा पर तैनात सैनिक मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए ऑनलाइन बैलेट पेपर भेजे जाएंगे। यह सारी प्रक्रिया नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।
कासगंज एटा लोकसभा की सीमा से देंगे वोट की खबर का जोड़
विधान सभा का नाम सैनिक मतदाता
कासगंज 260
अमांपुर 229
पटियाली 456
एटा 1153
मारहरा 665
यह होगी प्रक्रिया
नामांकन वापसी के बाद चुनाव मैदान के प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होते ही मतपत्र तैयार किए जाएंगे। तैयार मतपत्रों को आनलाइन सेना से संबंधित रिकार्ड आफिस को सैनिक मतदाताओं की सूची के साथ भेजे जाएंगे। रिकार्ड आफिस के माध्यम से यह मतपत्र सैनिक तक पहुंचेंगे। सैनिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद मतपत्र वापस रिकार्ड आफिस को भेजेंगे। जहां से रिकार्ड आफिस प्रेषित किए जाने वाले लिफाफों में यह मतपत्र लौटाएगा। मतगणना के दिन की इनकी गिनती होगी।