फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम ने फिर बदली करवट, बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ी

विज्ञापन
एटा में अभिनंदन की वापसी पर जश्र का दौर जारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कासगंज। क्षेत्र में शनिवार को मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली। दोपहर के बाद फिर से बारिश शुरू हो गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गईं। कई दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम खुल जाने पर किसान ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

बारिश ने आलू, चना, मटर सहित अन्य फसलों के उत्पादक किसान भी परेशान हैं। आलू की फसल की खुदाई का समय चल रहा है। सरसों की फसल भी पककर तैयार हो चुकी है। इस फसल की कटाई का कार्य भी चल रहा है। बारिश के चलते इस फसल पर भी असर पड़ रहा है।
फसल के अनुकूल नहीं रहा मौसम
भरगैन। ठंड के मौसम में कोहरा काफी कम पड़ा, जिससे गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। कृषि वैज्ञानिक अब्दुल जब्बार खान का कहना है कि बारिश से आलू, सरसों, चना आदि की फसल को नुकसान है। खेत में पानी भरने पर आलू में चकत्ते उभर आएंगे। ग्राम कनेसर निवासी किसान सतेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश से गेहूं व जौ की फसलें बिछ जाने से बर्बादी हो गई। आलू और मटर की फसल में भी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


मौसम बढ़ा रहा है किसानों की धड़कन
एटा/जैथरा। मौसम में आए दिन बदलाव होने से किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। शनिवार को आसमान में छाए बादलों को देखकर किसानों को फसलों की चिंता सताने लगे। शनिवार को रूक-रूककर हो रही हल्की बारिस से तापमान में भी गिरावट दर्ज कराई है।
रबी के सीजन में बारिश ने किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। शनिवार को आसमान में घने काले बादल छाए रहे और रूक-रूककर हल्की रिमझिम बारिश हुई तो किसानों की बेचैनी फिर बढ़ गई। किसानों को सबसे ज्घ्यादा सरसों और तंबाकू की फसल को लेकर चिंता सता रही हैं। अगर तेज बारिश अथवा ओलावृष्टि हुई तो किसान सरसों की फसल से हाथ धो बैठेगा। ऐसी चिंताओं से गिरे किसान प्रकृति की मार झेलने को मजबूर हैं। उधर रिमझिम होती रही बारिश की वजह से तापमान में भी भारी गिरावट देखी गई। दिन का तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और शाम होते-होते 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें