एटा। जवाहर तापीय परियोजना को पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब तीन किमी लंबी नहर की खुदाई होनी है। इसमें जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, उनको सर्किल दर से चार गुना मुआवजा राशि रुपये देने के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में बैनामा की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
बेवर बैराज से जवाहर तापीय परियोजना के लिए तीन किमी नहर की खुदाई होकर जानी है। नहर खुदाई व निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रियाएं तो काफी समय से चल रही हैं, मगर किसानों की जमीन अधिग्रहण करने और मुआवजा देने पर बात नहीं बन पा रही है। इसको सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने प्रयास करके रास्ता साफ कर लिया है। शासन को पूरी यथास्थिति से रूबरू कराने के बाद किसानों को सर्किल दर से चार गुना राशि देने की हरी झंडी मिल गई है। इस नहर के निर्माण में 433 किसानों की जमीन आ रही है। उन्हें करीब 12 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। विभागीय प्रक्रिया फरवरी के प्रथम सप्ताह से शुरू हो जाएगी और किसानों से बैनामा कराकर जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा।
जवाहर तापीय परियोजना के लिए पानी मुहैया कराने को तीन किमी की नहर बननी है। इसमें 433 किसानों की जमीन अधिग्रहण की जानी है। शासन से किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा राशि देने की मंजूरी मिल गई है। फरवरी के पहले सप्ताह में बैनामा कराने का कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
अजय कुमार भारती, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड।