वन जनपद वन इको गंतव्य योजना के तहत चयनित दरियावगंज झील पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। झील की 16 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। ग्रामीणों से झील को कब्जा मुक्त कराना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। बता दें कि वन विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से झील की सुंदरता को योजना तैयार कर रहा है।
उत्तर प्रदेश वेटलैंड बोर्ड ने दरियावगंज झील को वन जनपद वन इको गंतव्य योजना के तहत सूचीबद्ध कर लिया है। उसके बाद दरियावगंज झील की सुंदरता के लिए वन विभाग गंभीर हुआ है। विभाग ने गंजडुंडवारा महाविद्यालय के जीव एवं वनस्पति विज्ञान के छात्रों से शोध कराने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा विज्ञान विशेषज्ञों से सहयोग मांगा गया है, लेकिन झील की सुंदरता से पहले प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। वन विभाग ने पाया है कि झील की जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने भी कब्जा कर रखा है। 70 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली झील की 16 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा है। वन विभाग ने इस पर चिंता जताई है। वर्षो से अतिक्रमणकारी झील की जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। अब उनसे यह भूमि कब्जा मुक्त कराना चुनौतीपूर्ण होगा।
दरियावगंज झील की 16 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि अतिक्रमणकारियों ने झील की जमीन पर कब्जा कर रखा है। प्रशासनिक सहयोग से झील को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ वन विभाग।
वन विभाग यदि इस तरह की जानकारी देता है तो राजस्व विभाग की टीम भेजकर मौके का मुआयना कराया जाएगा। दस्तावेजों के आधार पर झील की जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई अवैध कब्जा है तो कब्जेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। धीरेंद्र कुमार, एसडीएम, पटियाली।