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स्कूलों में भरा पानी, कैसे करें पढ़ाई

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बारिश के बाद जलभराव - फोटो : अमर उजाला
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एटा। प्रदेश सरकार बेशक शिक्षा को दुरुस्त करने का डंका पीटती हो, लेकिन परिषदीय विद्यालयों का खराब हाल शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को बयां कर रहा है। आलम यह है कि जिले में प्राथमिक विद्यालयों का जर्जर हाल नौनिहालों की परेशानी का सबब बन रहा है। जर्जर भवनों में चल रहे विद्यालयों को दुरुस्त करने की सुध किसी को नहीं है। बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक किसी ने भी बच्चों की जान से हो रहे खिलवाड़ को रोकने की जहमत नहीं उठाई है।
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सीन-एक
प्राथमिक विद्यालय, कैलाशगंज
एक बरामदे के ऊपर टीन शेड डालकर यहां प्राथमिक विद्यालय बनाया गया है। शिक्षा व्यवस्था का आलम यह है कि बच्चे जमीन पर टाट और चटाई बिछा कर शिक्षा प्राप्त करते हैं। बरामदे के बाहर पड़े मैदान में जलभराव है। इससे बच्चों को बीमारियों का खतरा सता रहा है। विद्यालय का भवन गिरासू हालत में हैं, लेकिन नौनिहालों की परवाह करने वाला कोई नहीं है।
सीन-दो
प्राथमिक पाठशाला, तकिया होली गेट
विद्यालय में जर्जर बरामदे और गिरासू भवन में देश का भविष्य गढ़ा जा रहा है। अंधेरे में बच्चों को शिक्षा से रूबरू कराया जा रहा है। विद्यालय में बच्चे जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ते हैं। साथ ही बारिश से मैदान में हुए जलभराव के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। जलभराव की स्थिति यह है कि यहां पूरा मैदान पानी से भरा है, अब तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। सीन-तीन
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प्राथमिक विद्यालय, भगीपुर
प्राथमिक विद्यालय भगीपुर का हाल तो पूछिए ही मत। इस परिसर में ही तीन आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बारिश के चलते विद्यालय की बाउंड्री टूट गई है। साथ ही गांव के तालाब का पानी विद्यालय मेें भर गया है। इससे पूरा स्कूल टापू बन गया है। विभाग ने अब तक विद्यालय की हालत सुधारने की कवायद नहीं की है।
एक भवन, तीन कमरे, तीन स्कूल
शहीद पार्क स्थित प्राथमिक पाठशाला के जर्जर भवन के तीन कमरों में तीन स्कूल चल रहे थे। एक कक्ष में रामकृष्ण प्राथमिक विद्यालय, दूसरे कक्ष में शहीद सुभाष चंद्र बोस प्राथमिक विद्यालय और तीसरे कक्ष में लक्ष्मीबाई प्राथमिक विद्यालय चलता है। कक्षों में पीछे की ओर कूड़ा भरा पड़ा है और विद्यालय परिसर में जलभराव है। इसे दूर करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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