फिरोजाबाद। रविवार देर रात सरकारी ट्रामा सेंटर में सर्पदंश की शिकार महिला के परिवारीजनों ने मल्टी टास्क वर्कर विनीत द्विवेदी से मारपीट की दी। लेकिन पुलिस द्घारा दो आरोपियों को छोड़ने के विरोध में जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने सोमवार को कामकाज ठप कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी एवं हंगामे के चलते मरीजों को लौटना पड़ा। सीएमओ-सीएमएस ने डीएम- एसएसपी से बात की। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया तो कर्मचारी काम पर लौटे।
थाना लाइनपार के गुदाऊं निवासी वर्षा यादव (25) यादव को रविवार रात सांप के काटने पर पति विपिन यादव अपने भाई के साथ पत्नी को सरकारी ट्रामा सेंटर लाए। महिला का उपचार नहीं होने पर दोनो ने हंगामा किया। गाली गलौज के साथ रजिस्टर फाड़ते हुए मल्टी टास्क वर्कर नवनीत द्विवेदी से हाथापाई की। आरोप है कि गर्दन में रस्सी डालकर गला दबाने की कोशिश की। अस्पताल चौकी के स्टाफ ने विवाद की सूचना पर विपिन यादव और उसके भाई को हिरासत में ले लिया। लेकिन महिला की हालत खराब हुई तो दोनों को छोड़ दिया। पुलिस के रवैये से अस्पताल कर्मचारियों में आक्रोश है।
मल्टी टास्क वर्कर एवं अस्पताल स्टाफ ने कामकाज ठप कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा होते देख उपचार कराने आए मरीज बैरंग लौट गए। विरोध और हंगामे की सूचना पर सीएमएस डा.आरके पांडेय और सीएमओ डा. एसके दीक्षित मौके पर पहुंचे। कर्मचारी संगठन के नेताओं ने कहा मारपीट के माहौल में काम करना संभव नहीं होगा। इस पर सीएमएस ने घटनाक्रम की जानकारी डीएम नेहा शर्मा एवं एसएसपी सचिंद्र पटेल को दी। उन्होंने आश्वासन दिया मारपीट के आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे। विवाद के कारण जिला अस्पताल में देर रात 12 बजे तक कामकाज बाधित रहा।
अस्पताल कर्मियों के विरोध एवं हंगामा से जिला अस्पताल में आए मरीज भटकते रहे। दीदामई निवासी 65 वर्षीय सखावत खां ने चिकित्सक को दिखा लिया था लेकिन काउंटर बंद होने से दवा को भटक रहे थे। मैनपुरी जिले के पतारा निवासी राजनश्री को जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाई। इटौरा निवासी रामपाल दवा के लिए भटक रहे। मोहम्मदपुर निवासी गंगा देवी पुत्रवधू के साथ उपचार कराने आईं, लेकिन अस्पताल में पानी भरा होने से बमुश्किल पहुंची।
जिला अस्पताल में तैनात कर्मचारी, चिकित्सक संगठन ने मुख्यमंत्री, डीएम, स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि मल्टी टास्क वर्कर नवनीत द्विवेदी से मारपीट के आरोपियों को 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक गिरफ्तार नहीं किया तो दोपहर 12 से दो बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। एक अगस्त को सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार होगा। फिर भी भी गिरफ्तारी नहीं हुई तो दो अगस्त से बेमियादी कार्य बहिष्कार होगा। इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।