मथुरा। तेरह दिन। पुलिस की सात टीमें। लेकिन सब की सब फेल। फिजियोथेरेपिस्ट की हत्या का खुलासा करना तो दूर है अभी तो लाइन भी क्लियर नहीं हो पाई है। जिस तरह से पुलिस के अधिकारी लगे हैं उससे फिलहाल तो वारदात का खुलासा होते दिखता नहीं। लोगों को डर है कि कहीं इस हत्याकांड का हश्र भी अमर कालोनी डबल मर्डर की तरह न हो जाए।
थाना हाईवे की राधापुरम एस्टेट कालोनी की कोठी 1/19 में फिजियोथेरेपिस्ट खुशबू अग्रवाल की चाकुओं से गोदकर हत्या से सनसनी फैल गई थी। एडीजी से लेकर पुलिस का कोई ऐसा अफसर नहीं था, जो मौके पर न पहुंचे हो। फिजियोथेरेपिस्ट के सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए एसएसपी बबलू कुमार ने सात टीमें लगाईं। यह टीमें 13 दिन में खुलासा तो दूर, हत्यारोपी के करीब तक नहीं पहुंच सकी हैं।
माना जा रहा है कि इस हत्याकांड के खुलासे में जितनी देरी होगी, इसका हाल भी अमर कालोनी के डबल मर्डर की तरह हो जाएगा। फिजियोथेरेपिस्ट की हत्या का खुलासा न होने पर उनके भाई डॉ. योगेश अग्रवाल का धैर्य जवाब देने लगा है। उनका कहना है कि 13 दिन बीतने के बाद भी हत्याकांड का खुलासा न होना सवाल खड़े करता है।
‘फिजियोथेरेपिस्ट खुशबू अग्रवाल हत्याकांड का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा। टीमें अपने काम पर पूरी तरह जुटी हुई हैं।’
बबलू कुमार, एसएसपी