कासगंज। सुन्नगढ़ी थाना क्षेत्र के 9 वर्ष पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में अपर जिला जज प्रथम कृपाशंकर शर्मा ने फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को पांच वर्ष की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि दो आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया गया है।
19 मई 2009 को नेत्रपाल सिंह पर सोते समय हमला करते हुए गोली मार दी। गोली पैर में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में वीरेंद्र्र रूम सिंह, पहलवान सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में वीरेंद्र को दोष सिद्ध पाया गया। जबकि रूम सिंह और पहलवान सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे जिससे उन्हें संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त किया गया। इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल यादव ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के साथ जिरह की। साक्ष्य और बहस के आधार पर अपर जिला जज प्रथम ने फैसला सुनाते हुए वीरेंद्र को पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। आरोपी रूम सिंह और पहलवान सिंह को दोष मुक्त किया गया।