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कासगंज में आई धूल भरी आंधी से घबराए लोग, एक घायल

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आंधी-तूफान - फोटो : ANI
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कासगंज। तीन दिन से तूफान और तेज आंधी की आशंका से घिरे जिलेभर के लोग शुक्रवार की देर रात्रि को उस समय घबरा गए जब तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। हालांकि यह आंधी कुछ देर ही रही। इससे ज्यादा क्षति नहीं हुई। कुछ बुर्जियां क्षतिग्रस्त हुईं तो कुछ हल्के पेड़ और पेड़ों की टहनियां टूटीं। आम के बाग में फसलों को क्षति बताई गई।
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बुधवार को सायं 4 बजे से आसमान में काले बादल छाए तो फिर आंधी तूफान की आशंका से लोग घिरे नजर आए। कुछ देर आंधी रही और हल्की बारिश हुई। इसके बाद ठंडी हवाएं चलती रहीं। आसमान में काले बादल छाए रहे और बिजली भी कड़कती रही।

वहीं मंगलवार को पूरे दिन लोग आंधी और तूफान की आशंका से सहमे नजर आए। रात्रि के समय मौसम का रुख बिगड़ा नजर आ रहा था। रात्रि करीब साढ़े 11 बजे आंधी शुरू हुई और धूल के गुबार उठने लगे। रात में ही लोग दहशत में आ गए।
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तेज आंधी के चलते ही बिजली भी गुल हो गई। आधा घंटे तक बिजली का प्रभाव मध्यरात्रि में आंधी का वेग थम गया और बिजली भी चालू कर दी गई। इटौआ सहित आसपास के कई गांव में लोगों की भूसे की बुर्जियां टूट गईं और भूसा आंधी में उड़ गया।

इटौआ गांव में ही मनीष पुत्र जय सिंह रात में आंधी के दौरान छत से उतर रहा था। इसी बीच वह नीचे गिर पड़ा और गंभीर घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं हिम्मतपुरसई में ईंट गिरने से सूरजपाल की बकरी की मर गई। क्षेत्र में कई हल्के पेड़ भी गिर गए, लेकिन कहीं बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

बुधवार को सायं 4 बजे मौसम का मिजाज एकदम बिगड़ गया। आसमान में काले बादल छा गए। दिल्ली व अन्य इलाकों में भूकंप की सूचना लोगों को मिली तो लोग फिर से दहशत में डूब गए। बादल छाने के कुछ देर के बाद ही आंधी का प्रकोप जिलेभर में हुआ, लेकिन आंधी की गति काफी कम थी।

सायं 6 बजे के आस पास जिलेभर में हल्की बारिश शुरू हुई, लेकिन सायं पौने 7 बजे दोबारा बारिश शुरू हुई। जिससे धूल उड़ना बंद हो गया और ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखकर लोग लगातार दहशत में हैं और चिंतित हैं, लेकिन अभी तक कोई आपदा की स्थिति न बनने से लोग राहत में हैं।
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