कासगंज। मुंहबोले भाई ने ही अपने साथियों के साथ बहन की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। मामले में युवती के परिजनों ने मुंहबोले भाई सहित दो अन्य के खिलाफ अगवा कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने आरोपी मुंहबोले भाई और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
अहरौली निवासी विनीता (30) पुत्री श्रीनिवास विगत 30 अप्रैल की शाम अपनी पड़ोस में रहने वाली महिला मोहरश्री आदि के साथ भोले बाबा के आसपुर मलावन एटा में आयोजित सत्संग में भाग लेने गई थी। उसके मुंहबोले भाई सुरेश चंद्र ने उसे बुलाया था। सत्संग से विनीता को सुरेश चंद्र अपने साथी बबलू, विक्की निवासी गंजडुंडवारा के साथ अगवा कर ले गया। इसके बाद वह घर नहीं लौटी।
परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इस पर युवती के परिजनों ने सुरेश से मोबाइल पर बात की, लेकिन सुरेश ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद तीन मई को कोतवाली पुलिस ने अज्ञात महिला का शव हजारा नहर से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अज्ञात शव बरामद होने की जानकारी पर युवती के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर युवती की शिनाख्त की। युवती के पिता श्रीनिवास ने बताया कि उन्हें भरोसे में लेकर सुरेश चंद्र ने चार साल पहले से आना जाना शुरू कर दिया था।
वह उन्हें पापा कहकर बुलाता था और विनीता को भी बहन बोलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश ने साथियों के साथ मिलकर विनीता की हत्या की है और साक्ष्य मिटाने के लिए शव नहर में डाल दिया। इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि इस मामले में दो आरोपी सुरेश चंद्र एवं बबलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
परिवारी की संपत्ति पर थी सुरेश की नजर
कासगंज। भोले बाबा के सत्संग में परिचय होने के बाद सुरेश चंद्र निवासी गंजडुंडवारा ने श्रीनिवास के परिवार से नजदीकी बढ़ा ली। उसका निरंतर उनके घर आना जाना था। वह श्रीनिवास को पापा एवं उनकी पत्नी सूरजमुखी को मां बोलता था। पुत्रियों को भी वह बहन बोलता था। पुत्र नहीं होने के कारण श्रीनिवास सुरेश पर भरोसा करने लगे।
यहां तक कि उसे 15 लाख रुपये महेंद्र को वर्कशॉप खोलने के लिए अपने पेंशन फंड से दे दिए। यह रुपये भी सुरेश ने नहीं लौटाए। उसने विनीता की शादी पर रुपये लौटाने की बात कही थी। आरोप है कि यही कारण है कि उसने विनीता की हत्या कर दी। विनीता के परिजन सुरेश पर संपत्ति हड़पने का आरोप भी लगा रहे हैं।
सत्संग कमेटी का सचिव है सुरेश
कासगंज। विनीता के पिता श्रीनिवास एवं मां सूरजमुखी ने कहा कि सुरेश चंद्र भोले बाबा की सत्संग कमेटी का सचिव है। पांच वर्ष पूर्व उनकी सत्संग में सुरेश से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया कि सत्संग में वह पूरी तरह से सक्रिय रहता है।