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चंद घंटों में राख के ढेर में तब्दील हो गया रिकैगा गांव

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fire shimla
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कासगंज/पटियाल/गंजडुंडवारा।
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जिले के पटियाली तहसील क्षेत्र के नगला नियाज अली एवं रिकैरा गांव में आग ने ऐसा तांडव मचाया कि गांव राख के ढेर नजर आने लगे। रिकैरा में 148 कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गईं और घर में रखीं लाखों रुपये की संपत्ति, नकदी, जेवर, और घरेलू सामान सब जल गया। वहीं रिकैरा गांव में 36 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान जल गए जिनमें लाखों की क्षति हो गई। रिकैरा के समीपवर्ती बदायूं जनपद के गांव रामसा नगला में भी 70 से अधिक कच्चे मकान जल गए और कई पशु भी जलकर मर गए।
आग की घटना सबसे पहले नगला नियाज अली में हुई। यह आगजनी की घटना दोपहर 11 बजे के बाद हुई। सबसे पहले जान मोहम्मद के घर में आग लगी और तेज हवा के झोकों के साथ यह आग तेजी से फैलने लगी। आग की चपेट में आवासीय मकान ही नहीं थे, बल्कि यह आग खेतों में भी पहुंच गई। फायरब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन फायरब्रिगेड डेढ़ घंटे बाद करीब साढ़े 12 बजे पहुंची। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस गांव में 22 आवासीय मकान जले जबकि 16 गैर आवासीय कच्चे मकान और झोंपड़ियां जल गई। घर में रखा सारा सामान जल गया। खेतों में लगी आग पर बमुश्किल काबू पाया गया। नगला नियाजअली की आग शांत भी नहीं हो पाई कि करीब एक बजे के बाद पटियाली के ही रिकैरा गांव में जबरदस्त आग लग गई। रिकैरा गांव में आग का प्रकोप इतना ज्यादा था कि पूरा गांव ही राख के ढेर में तब्दील हो गया कुछ पक्के मकान ही नाम मात्र को बचे। इस गांव में कुल 148 आवासीय मकान जल गए, जबकि 7 गैर आवासीय। पूरे गांव में 175 मकान हैं। केवल 20 आवासीय और गैर आवासीय कच्चे मकान ही बचे हैं।
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गांव में सर्वाधिक क्षति श्यामपाल पुत्र रामौतार की हुई। उनके घर में 4 लाख रुपये की नकदी तरबूज की सौदा के रखे थे। घरेलू सामान के साथ ये रुपये भी जल गए, उसकी बाइक भी जल गई। इसके अलावा भूरे, श्यामपाल, राजेंद्र की बाइक जल गईं। नेपाल सिंह का ट्रैक्टर, इंजन, ट्रॉली और 12 मुर्गी जल गईं। नवल सिंह, राम सिंह, बब्बू का इंजन जल गया। छोटे लाल का पशु जलकर मर गया। जबकि प्रेमपाल का पशु काफी झुलस गया।
रिकैरा के बदायूं जनपद में लगने वाले पड़ोसी गांव रामसा नगला में भी आग ने जमकर तांडव मचाया। 70 से अधिक कच्चे मकान व झोपड़ियां जल गए।
इस गांव में आग का तांडव देर सायं तक चलता रहा। कासगंज व बदायूं जनपद की 5 दमकल की गाड़ियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया। अग्नि पीड़ितों का सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। उनके पास अब खाने, पीने, पहनने-ओढ़ने तक को कपड़े नहीं बचे हैं। पूरे प्रभावित गांव में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बर्बादी के मंजर को देखकर सहमें हुए हैं।


नगला नियाजअली में इनके मकान जले
पटियाली । नगला नियाजअली के भीषण अग्रिकांउ में जान मोहम्मद, मुनीश, अकबर, इदरीश, तस्लीम, रियाज, भूरे, माजिद, राजिद, हाकिम सिंह, इलेयाश, मिशकिम, इद्दो, राजू, नसीम, मुकीम, अब्दुल अजीज, फरजंद, फैना मोहम्मद, सलीम, हुस्नबानों, बुंदा, गुड्डू के आवासीय मकान जल गए। जिनमें लाखों रुपये का घरेलू सामान, कपड़े, जेवर, नकदी, गल्ला सब कुछ जलकर राख हो गया।
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रिकैरा में आग की भेंट चढ़े मकान
पटियाली । रिकैरा गांव में हुए भीषण अग्रिकांड में बड़ी संख्या में मकान जले। जिसमें नेत्रपाल, धनपाल, प्रेमराज, सत्यवीर, देवेंद्र, वीरेंद्र, सुजराम, सोमवीर, पन्नालाल, सोनवती, राम सेवक, सोनू, राम सिंह, चरन सिंह, कप्तान, मोरकली, बदन सिंह, फुलवारी, बीरवल, चरनसिंह, चंद्र पाल, छविराम, सरवन, धरम सिंह, रनवीर, सुरेंद्र, कल्लू, मोर पाल, रामदास, मनोज, रामौतार, रामपाल, रक्षपाल, वीरेंद्र, वीरबल, सोनू, दिवारी, नरेश, विनोद, वेदसिंह, जय सिंह, अशोक, सोनू, नेपाल, जगवीर, ओमकार, मनीराम, राजेश, कलावती, बबलू, वीरपाल, चेतराम, भगवान सिंह, नित्य सिंह, नेम सिंह, नन्हें, मुरली, जुगेंद्र, दुर्जन, किशनलाल, गंगादीन, पप्पू, बलवीर, इंस्पेक्टर बृजपाल, अनेकपाल, रामवती, राजू, भंवन सिंह, कालीचरन, राजपाल सहित अन्य ग्रामीणों के मकान हैँ। इन ग्रामीणों को सबकुछ जलकर राख होग गया। प्रशासन क्षति का आकलन करा रहा है।
रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर
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