फिरोजाबाद। जमियत उलमा ए हिंद द्वारा फिलस्तीन पर इजराइल के अवैध कब्जे के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। शहर की सभी मस्जिदों में विशेष प्रार्थना की गई। इस मौके पर इजराइल के कदम की कड़ी निंदा की गई।
जिलाध्यक्ष मौलाना शफी कासमी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने येरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने और वहां दूतावास स्थापित करने का फैसला इंसाफ के खिलाफ है। मौलाना इश्तियाक साहब ने कहा कि येरुशलम में मुसलमानों का पवित्र स्थान है। यहां इस्लाम धर्म से भी पूर्व आसमानी धर्म के अनेक अवतार आए हैं। अमेरिका के फैसले से मुसलमानों का नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत का दिल दुखा है।
जिला महासचिव मुफ्ती कासिम रजी ने कहा कि हिंदुस्तान के सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के मानने वाले भी येरुशलम वासियों का दर्द समझते हैं। मौके पर हाफिज शाहिद, हाफिज शकील, मुफ्ती हुजैफा, मौलाना इलयास, मौलाना अजमल, मौलाना अब्दुल रहमान, मौलाना अब्दुल हलीम, मौलाना रिजवान मेराजुल हुदा फिरदौसी मौजूद रहे।