एटा। सेवारत शिक्षकों को आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी कर ली गई है। शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले में संचालित राजकीय, सहायता प्राप्त एवं अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्यापन कर रहे प्रधानाचार्य शिक्षकों की आधार संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एक से अधिक संस्थाओं में नाम लिखाकर नौकरी दर्शाने वालों के लिए बुरी खबर है। अब वे ऐसा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। शासन ने किसी संस्था में प्रधानाचार्य शिक्षक के रूप में पंजीकृत लोगों को आधार कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे एक से अधिक स्थान पर काम करने वाले या फर्जी तरीकों से नाम लिखाकर विभाग को चूना लगाने वाले उजागर हो सकेंगे। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य शिक्षकों को आधार कार्ड से जोड़ने का काम शुरू भी हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव ने राजकीय, एडिड एवं अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कर सेवारत शिक्षकों के आधार संख्या मांगे हैं। जिले में संचालित 553 माध्यमिक विद्यालयों में 18 राजकीय, 54 सहायता प्राप्त एवं 481 स्ववित्तपोषित संस्थाएं शामिल हैं।
क्या होता है खेल?
नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि एक ही व्यक्ति के नाम कई संस्थाओं में दर्ज हैं। एमएससी, एमएड के कई शिक्षक इंटर कालेज के साथ ही स्ववित्तपोषित संस्थाओं में भी प्राचार्य एवं प्राध्यापक के रूप में दर्ज हैं। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय अनुमोदन में इनके नाम शामिल हैं। आधार कार्ड लिंक होने के बाद यह फर्जीवाड़ा खतम हो जाएगा। जिससे इनकी वास्तविक संख्या पता चल सकेगी।