जिले में इस वर्ष 18 हजार बोर्ड परीक्षा आवेदक बढ़ गए हैं। हाईस्कूल में 47690 तो इंटरमीडिएट में 39686 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। जबकि गत वर्ष हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के कुल 69398 आवेदक थे।
कक्षा नौ-ग्यारह के पूर्व पंजीकरण एवं कक्षा दसवीं बारहवी के बोर्ड परीक्षा आवेदकों का अनुपातिक संतुलन बिगड़ा है। गत वर्ष की तुलना में पूर्व पंजीकरण आवेदकों में जहां तीस हजार की कमी आई है। वहीं 18 हजार से अधिक हाईस्कूल इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा आवेदक बढ़ गए हैं। बताते चलें कि शिक्षा सत्र 2016-17 में बोर्ड परीक्षा आवेदकों की संख्या 69,398 थी। इनमें हाईस्कूल के 39255 एवं इंटरमीडिएट के 30143 आवेदक थे। जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 87 हजार 376 तक पहुंच गई है। इनमें हाईस्कूल के 47690 एवं इंटर के 39686 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जो गत वर्ष से 17978 अधिक है।
क्यों बढ़ी बोर्ड परीक्षा आवेदक संख्या?
सख्ती के बाद भी बढ़ी बोर्ड परीक्षा आवेदक संख्या के पीछे गत वर्ष का अधिक पूर्व पंजीकरण एवं फेल हुए छात्र-छात्राओं के फिर से आवेदनों को माना जा रहा है। बताते चलें कि गत वर्ष तीस हजार से अधिक बोर्ड परीक्षार्थी फेल हुए थे। इनमें हाईस्कूल में 50 प्रतिशत एवं इंटर में 56 प्रतिशत छात्र-छात्राएं असफल रहे। साथ ही 2016-17 सत्र का पूर्व पंजीकरण भी 89926 था।
वर्ष कुल बोर्ड परीक्षा आवेदक र्हाईस्कूल आवेदक इंटर आवेदक
2016-17 69398 39255 30143
2017-18 87376 47690 39686
गत वर्ष अनुत्तीर्ण हुए तीस हजार से अधिक छात्राओं के पुन: आवेदन के अलावा अधिकतम पूर्व पंजीकरण के चलते इस वर्ष बोर्ड परीक्षा आवेदकों की संख्या बढ़ गई है।
श्याम प्रकाश यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक