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सेल्फी के जोश में खो न देना होश

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आगरा। सेल्फी के जुनून के लिए ताजमहल पर चमेली फर्श, मुख्य गुंबद का यमुना किनारा सबसे ज्यादा खतरनाक है। मस्जिद और मेहमानखाने की ओर फोटोग्राफी के चक्कर में करीब 12 लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। तब एएसआई ने यहां दो फुट की संगमरमरी जाली वाली रेलिंग से 5 फुट दूर बेरीकेडिंग तैयार कराई।
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एएसआई के कर्मचारियों के साथ सीआईएसएफ जवान भी पर्यटकों को फोटो के लिए बेरीकेडिंग पार करने से रोकते हैं, लेकिन इन दिनों लबालब भरी यमुना और मीनारों की ऊंचाई के साथ सेल्फी के चक्कर में युवा एकदम किनारे पर पहुंच रहे हैं। करीब 58 फुट ऊंचाई से गिरने का खतरा यहां लगातार बना हुआ है। एएसआई अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल पर कई जगह चेतावनी भी लिखी गई है, लेकिन पर्यटक उनका पालन नहीं करते।

यहां है सेल्फी के ब्लैक प्वाइंट
1- ताजमहल यमुना किनारा मीनारें
2- ताजमहल मुख्य गुंबद की रेलिंग
3- आगरा किला जहांगीरी महल झरोखा
4- आगरा किला का दीवान ए खास
5- गुरुद्वारा गुरु का ताल रेल ओवरब्रिज
5- सिकंदरा-बोदला रेल ओवरब्रिज
6- एत्माद्दौला का यमुना किनारा बुर्ज
7- रामबाग फ्लाईओवर सेंट्रल प्वाइंट

सेल्फी लेने में दुनिया में आधी से ज्यादा मौत भारत में
2014 से सितंबर 2016 के बीच महज दो सालों में सेल्फी के क्रेज में पूरी दुनिया में 127 लोगों की जान गई, जिनमें से आधे से ज्यादा 76 मौत भारत में हुईं। इन मौतों कोे देखते हुए मुंबई पुलिस ने 16 पिकनिक स्पॉट को नो सेल्फी जोन बनाया, वहीं नासिक कुंभ मेले में भी कई जगह नो सेल्फी जोन बनाए गए।
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