फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र की बस्ती में छापे, कोठों से 11 को मुक्त कराया

Fri, 13 Mar 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के दो थाना क्षेत्रों की सीमा में आने वाली बस्ती में नेपाल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र की लड़कियों से जबरन जिस्फरोशी कराई जा रही है। सामाजिक संगठन रेस्क्यू फाउंडेशन की दिल्ली शाखा ने इसका पता लगाया। गुरुवार को संस्था की टीम के साथ छापा मारने गई पुलिस को कोठों के अंदर बने चोर कमरे में (छिपने के लिए बनाई गई गुप्त जगह) लड़कियों को छिपाया गया था। पुलिस ने 11 को मुक्त कराया।
विज्ञापन


रेस्क्यू फाउंडेशन को सूचना मिली थी कि कश्मीरी बाजार की एक बस्ती में देह व्यापार के लिए नेपाल की नाबालिग लड़कियों को लाया गया है। पिछले दिनों टीम के सदस्यों ने यहां आकर जांच की इसकी तस्दीक भी हो गई। गुरुवार को संस्था की प्रेसीडेंट त्रिवेणी आचार्य, प्रोग्राम मैनेजर राजेश चतुर्वेदी और इंवेस्टीगेटर संतोष सेधाई ने एसएसपी राजेश मोदक से भेंट की। एसएसपी ने सीओ कोतवाली मनीषा सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। गुरुवार शाम को छापामारी की गई तो वहां हड़कंप मचा। कोठों पर ताले लटक गए।

पुलिस सबसे पहले ताला तोड़कर सुनीता के कोठे में घुसी। यहां पलंग के नीचे छिपने के लिए बनी जगह से सात नेपाली लड़कियों को मुक्त कराया गया। संचालिका सुनीता, शांति और दलाल जय को पकड़ लिया। इसी तरह बेगम के तालाबंद कोठे से भी चार लड़कियों को मुक्त कराया गया। इनमें दो महाराष्ट्र, एक काठमांडू की है। एक नाबालिग भी मिली जो फीरोजाबाद की है। यहां संचालिका सीता पकड़ी गई।  
विज्ञापन


फीरोजाबाद की लड़की के साथ बच्ची भी
कोठे से मुक्त कराई गई फीरोजाबाद की किशोरी के साथ एक बच्ची भी मिली है। संस्था यह पता करने मेें लगी है कि वह जिस्मफरोशों के चंगुल में कैसे फंसी। इसके लिए फीरोजाबाद पुलिस की मदद ली जा रही है।

शादी और नौकरी के झांसे में फांसा
रेस्क्यू फाउंडेशन के मुताबिक, दलाल शादी कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपाल और पश्चिम बंगाल से लड़कियों को दिल्ली लाते हैं। फिर उन्हें यहां बेच दिया जाता है। बंधक होने के कारण वह बाहर नहीं आ पातीं। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें