पहले से गैंग में शामिल महिलाएं युवतियों को आर्केस्ट्रा में काम का लालच देती हैं। उनके तैयार होने पर सरगना रमेश युवतियों को लेकर आता है। बाह क्षेत्र का मुन्नालाल युवतियों की शादी कराता है। गिरफ्तार आरोपियों से और भी पूछताछ की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि गैंग के सदस्य कितनी युवतियों को ला चुके हैं। यह कहां-कहां सक्रिय हैं। आगरा के अलावा इटावा, फिरोजाबाद में भी युवतियों को शादी के लिए लाने की जानकारी मिली है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- रमेश निवासी नोदिया, पन्नूगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश
- प्रेमबाबू निवासी खरोंदी, गढ़वा, झारखंड
- रामवृक्ष निवासी प्रतापपुर, थाना पन्नूगंज, सोनभद्र
- नालेश निवासी सामली, थाना पन्नू गंज, सोनभद्र
- विजय निवासी थाना पन्नूगंज, सोनभद्र
- ब्रजेश निवासी नोदिया, थाना पन्नू गंज, सोनभद्र
- अमित निवासी थाना माची, सोनभद्र
- प्रदीप निवासी हंसराजपुर, थाना एकमा, सिवान, बिहार
- मुन्नालाल निवासी पुराकनहेरा, थाना बासौनी, आगरा
- प्रेमा देवी निवासी धौसरा, थाना मांची, सोनभद्र
- आशा निवासी धौसरा, थाना मांची, सोनभद्र।
एक लाख तक में एक युवती का सौदा
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रमेश, रामवृक्ष, आशा और प्रेमवती सोनभद्र में रहते हैं। वह आर्केस्ट्रा के कार्यक्रम में गरीब परिवार की युवतियों और महिलाओं को डांस और गाना गाने का लालच देते हैं। इसके बाद अपने साथ लेकर आ जाते हैं। उन्हें काम करने पर अच्छे रुपये देने की कहते हैं। थाना बासौनी के गांव पुराकनहैरा के रहने वाले मुन्नालाल के माध्यम से बेच देते हैं। इस काम के लिए एक लाख रुपये तक की कमाई होती है। इसे गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते हैं। बेची गईं युवतियों और महिलाओं की जबरन शादी करा दी जाती है।
बेटे की शादी कराकर गैंग के संपर्क में आया मुन्नालाल
एसपी देहात ने बताया कि गांव पुराकनहैरा के मुन्नालाल ने अपने बेटे की शादी चार साल पहले रामेश, रामवृक्ष, आशा और प्रेमवती के माध्यम से ही कराई थी। तब से ही वह इन लोगों के संपर्क में आ गया। वर्ष 2006 में रमेश हत्या के मामले में सोनभद्र से जेल भी गया था।
अब पुलिस उसका आपराधिक इतिहास निकलवा रही है। तीन साल पहले प्रेमबाबू एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उसको कोंध जनपद में बेच दिया गया था। इसकी जानकारी पर किशोरी के परिजन भी पहुंच गए थे। इस कारण किशोरी को बरामद कर लिया गया था।