आगरा में 103 लेखपालों ने मांगों के समर्थन में अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ दिया है, जिससे प्रमाण पत्र, पैमाइश और विरासत समेत कई काम प्रभावित हुए हैं। सदर तहसील सहित जिले की अन्य तहसीलों में काम न होने से लोगों को परेशानी हुई और कई लोग मायूस होकर लौट गए।
अपनी मांगों के समर्थन में लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ दिया। इससे काम अटकने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई। बुधवार को सदर तहसील में सैकड़ों लोग अपने कार्य न होने से मायूस होकर लौट गए। जिले भर की तहसीलों में लोगों को समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर जिले में 103 लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्र का चार्ज छोड़ दिया है। उन्होंने अपना रिकॉर्ड कार्यालय में जमा कर दिया है। वह जाति, आय, मूल, ईडब्ल्यूएस, विरासत, हिस्सा, पैमाइश सहित अन्य कार्य नहीं कर रहे हैं। उनके कार्य न करने से आम जनता को परेशानी हो रही है।
लेखपाल संघ ने शासन से आठ सूत्री मांग की है जो पिछले कई वर्षों से लंबित हैं। इसमें ग्रेड पे विसंगति, पदनाम परिवर्तन, पदोन्नति, स्थानांतरण, मानदेय व भत्ता वृद्धि, तहसील व पंचायत घरों पर बैठने के लिए उचित व्यवस्था और कार्य के लिए संसाधन न होने के मुद्दे हैं।
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बाद निवासी रफीद का कहना है कि बेटी की छात्रवृत्ति के लिए आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाना था, लेकिन लेखपाल ने चार्ज छोड़ने की बात कहकर उसे सत्यापित नहीं किया है। अगर जल्द नहीं बना तो समस्या होगी।
लाडम निवासी रिंकू ने बताया कि खेत में अंश निर्धारण कराना था। लेखपाल ने मना कर दिया। मुझे फार्मर रजिस्ट्री करानी थी। बिना उसके खाद बीज मिलने में दिक्कत हो रही है। कुछ व्यवस्था होनी चाहिए, नहीं तो हमें समस्या होगी।