मथुरा। विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला अस्पताल में क्षय रोग केंद्र में संगोष्ठी के साथ शपथ कार्यक्रम हुआ। संगोष्ठी में जिला पीपीएम समन्वयक आलोक तिवारी ने कहा कि दुनिया में टीबी के कारण सबसे ज्यादा मौत भारत में होती है। मथुरा में भी संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। दुनिया में टीबी के मरीजों की संख्या का 64 प्रतिशत सिर्फ सात देशों में है, जिनमें भारत सबसे ऊपर है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया के सभी देशों में अगर सही तरीके से टीबी का इलाज होता रहे तो वर्ष 2030 तक इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि भारत सरकार ने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शपथ लेने का कार्यक्रम चलाया है। 23 से 28 मार्च तक एक अभियान चलाकर जनपद में लोगों को उनके क्षेत्र से क्षय रोग को मुक्त करने की शपथ दिलाई जाएगी।
संगोष्ठी में सीएमओ डॉ. शेर सिंह, सीएमएस डॉ. आरसी मौर्या, डॉ. अमिताभ पांडेय, डॉ. बसंत लाल, डॉ. आलोक कुमार, अखिलेश कुमार दीक्षित, बिहारी लाल, सतीश चंद्र, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, हिमांशुु सेठी, श्याम सुंदर, अनिल कुमार थे।
टीबी रोगियों के मामले में प्रदेश में मथुरा का तीसरा स्थान
मथुरा। प्रदेश भर में क्षय रोगियों की संख्या में मथुरा जनपद तीसरे स्थान पर है। सरकारी एवं प्राइवेट स्तर पर हुए टीबी रोगियों के पंजीकरण के आधार पर उत्तर प्रदेश में जनपद मथुरा का स्थान तीसरा है। लखनऊ में सर्वाधिक 20,002 कानपुर नगर में 18178 एवं जनपद मथुरा में 7133 क्षय रोगी है। इन सभी रोगियों को गत वर्ष 2018 में खोजा गया।
क्षय रोग के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा की खांसी।
- सीने में दर्द।
- बलगम में खून का आना।
- शाम के समय बुखार या लगातार बुखार का रहना।
- रात के समय पसीना आना।
- वजन कम होना और भूख कम लगाना।