कासगंज। फोरलेन के निर्माण में सैकड़ों विद्युत खंभे सड़कों के बीचोंबीच आ गए हैं। बिजली विभाग ने खंभे हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग से साढ़े तीन करोड़ रुपये मांगे हैं, लेकिन बजट के अभाव में लोक निर्माण विभाग ने विद्युत विभाग को धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है।
एटा-कासगंज के बीच फोरलेन निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने निर्माण को गति देने के लिए बजट नहीं दिया है। धनराशि न मिलने के कारण कार्यदायी संस्था ने काम की गति धीमी कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने 25 करोड़ रुपये की धनराशि बाईपास और फोरलने के लिए मांगी है, लेकिन शासन स्तर से धनराशि की पत्रावली पर कोई विचार नहीं किया गया है। ऐसे में फोरलेन के निर्माण में बाधा पैदा हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने पूर्व में विद्युत विभाग को सवा करोड़ रुपये खंभे स्थानांतरण करने को दिए थे, लेकिन यह धनराशि खत्म हो गई है। अब अन्य खंभे हटाने के लिए विद्युत विभाग ने लोक निर्माण विभाग से साढ़े तीन करोड़ रुपये मांगे हैं, लेकिन बजट के अभाव में लोक निर्माण विभाग धनराशि नहीं दे सका है।
600 से अधिक खंभे किए जाने हैं स्थानांतरित।
3.5 करोड़ रुपये का मांगपत्र भेजा है विद्युत विभाग ने।
25 करोड़ रुपये फोरलेन के लिए मांगे गए हैं शासन से।
320 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण होनी हैं फोरलेन परियोजना।
31 किलोमीटर एटा-कासगंज के बीच होना है फोरलेन का काम।
- विद्युत विभाग ने 3.5 करोड़ रुपये की धनराशि खंभे हटाने के लिए मांगी हैं। बजट मिलने पर धनराशि दी जाएगी। पूर्व में दी गई धनराशि विद्युत विभाग के पास मौजूद है। उससे खंभे हटाए जा सकते हैं। सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
- लोक निर्माण विभाग खंभे हटाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराए तो काम में तेजी आएगी। फिर भी पोल हटाने का काम चल रहा है- हरिमोहन, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग।