फिरोजाबाद। 3272 नॉन एनपीए ऋण खाता धारक किसानों को ऋण मोचन योजना का लाभ दिया जाएगा। जून-जुलाई माह में दर्ज हुई 3500 शिकायतों का निस्तारण करने के बाद कृषि विभाग ने शासन को 15 करोड़ की मांग भेजी है।
जिले में ऋण मोचन के तहत गत छह अलग-अलग चरणों में अभी तक लगभग 35 हजार से ज्यादा किसानों को ऋण मोचन योजना का लाभ दिया जा चुका है। लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर शासन ने ऋण मोचन के लाभ से वंचित किसानों की शिकायत दर्ज कराने एवं पात्र किसानों को योजना का लाभ देने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में गत 31 जुलाई तक ऋण मोचन योजना के तहत 3500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई गईं। तहसील व बैंक स्तर से शिकायतों का सत्यापन कराने के बाद 3272 किसान पात्रता की श्रेणी में हैं।
योजना के नोडल कृषि विभाग ने सभी 3272 किसानों को योजना का लाभ देने के लिए शासन को 15 करोड़, 84 लाख 5132 की मांग जनरेट कर शासन को भेजी है। जिन किसानों को पात्रता की श्रेणी में रखा है। उनमें सबसे ज्यादा एनपीए ऋण खाता धारक 187 किसान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं से केसीसी धारक किसान हैं।
सोमवार को जिला कृषि अधिकारी रविकांत से मिलने पहुंचे गांव सुजातगढ और वासदेव पुर ब्लाक फिरोजाबाद के ग्रामीणों का आरोप था कि विभागीय कर्मचारियों ने उनकी शिकायतें दर्ज नहीं कीं। छोटी-मोटी खामियों का हवाला देकर उनको कई दिनों से टरकाया जा रहा है। आरोप लगाने वालों में जयवीर सिंह, जालिम सिंह, लटूरी सिंह, कप्तान सिंह, वेदप्रकाश, राजेश कुमार और वीरेद्र आदि शामिल हैं।