टूंडला। लगातार बारिश और हथिनीकुंड से पानी छोड़ने से यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। यमुना खादर में बोई गई फसलें तो पहले ही जलमग्न हो चुकी हैं, अब किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को लीलने के लिए मचलने लगी है। दिल्ली और मथुरा में यमुना के खतरे के निशान से ऊपर बहने की खबरों से किसान परेशान हैं।
यमुना का लगातार बढ़ता जलस्तर तटीय क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। किसानों का कहना है कि यमुना का जलस्तर एक से दो फीट और बढ़ा, तो उनकी बची फसलें भी यमुना के आगोश में समा जाएंगी। लगातार बारिश ने कुछ दिनों पूर्व बोई बाजारा की फसल उपजने से पहले ही डुबो दिया। रविवार को यमुना के खादर में कुछ ही किसानों की फसलें बर्बाद हुई थी, किंतु सोमवार को जलस्तर बढ़ने से किसानों की बाजारा व तिलहन आदि की फसलें भी डूब गईं। रसूलाबाद के किसान काशीराम, मुरारीलाल, कप्तानसिंह, सुरेश कुमार, भागीरथ, साहबसिंह, निन्नूराम, लखमीचंद्र आदि ने बताया कि उनकी सब्जी आदि की फसल यमुना मैया की भेंट चढ़ गईं।
टूंडला में यमुना के तटीय गांव जटपुरा, फलट्टी, चंदन सिंह की ठार, नगला काले, कुतकपुरशाह, ठार डेका, ठार हरवंश, बजहेरा, ग्वारई, न्यामतपुर, नगला मूसटा, घुरुकूंआ। फिरोजाबाद के थाना लाइनपार सुजात गढ़, नादन, गुंदाऊ की ठार, नया बांस, शंकरपुर, अलहादीपुर आदि इलाकों में बाढ़ का खतरा है।