बेवर। कस्बे में चल रहे शहीद मेले में बुधवार को विधिक साक्षरता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को विधिक साक्षरता के बारे में विस्तार से बताया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार ने कहा कि छोटे-छोटे मामलों का निस्तारण आपसी सूझ-बूझ और समझौते से स्थानीय स्तर पर भी किया जा सकता है। सूझबूझ से मामलों का निस्तारण होने से न्यायालयों पर मुकदमा का बोझ काफी कम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि वादमुक्त-विवादमुक्त की भावना से ही विधिक साक्षरता प्राधिकरण का गठन किया गया है। सभी को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाने के उद्देश्य से 9 नवंबर 1987 को केंद्र सरकार के द्वारा कानून बनाकर लोक अदालत को अस्तित्व में लाया गया। शिविर में लोगों को कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि कानून की जानकारी होने पर कोई भी व्यक्ति किसी का शोषण नहीं कर पाएगा।
इस मौके पर एसडीएम संदीप कुमार, प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह पीलवान, उपनिरीक्षक भूपसिंह, रामौतार सिंह कठेरिया, शिव नारायण दीक्षित, किशन दुबे एडवोकेट, राज त्रिपाठी, रघुनंदनलाल चतुर्वेदी, अतुल राठौर, विपिन चतुर्वेदी एडवोकेट, गगन दीप तिवारी मौजूद रहे।