आगरा। आगरा मंडल में तैयार होने वाली सबसे बड़ी मालगाड़ी मथुरा के बाद रेलवे स्टेशन पर तैयार की जाती है। 110 डिब्बों को जोड़कर तैयार होने वाली इस मालगाड़ी को मथुरा से मुगलसराय और छत्तीसगढ़ के रायपुर से कोयला लाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इस गाड़ी को रेलवे ने पॉयथन (अजगर) नाम दिया है। हाल में कोहरे का प्रकोप बढ़ने पर इस मालगाड़ी पर भी ब्रेक लगने लगे हैं।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) पर सिर्फ मालगाड़ियां ही दौड़ सकेंगी। इन मालगाड़ियों की लंबाई भी सामान्य मालगाड़ियों से अधिक होगी। आगरा रेल मंडल में बाद स्टेशन पर महज एक घंटे के भीतर सबसे लंबी मालगाड़ी को रोजाना तैयार करने की कवायद की जाती है। तड़के तीन से चार बजे के बीच रेलवे के कर्मचारी 58-58 खाली डिब्बों को जोड़कर मालगाड़ी तैयार करते हैं।
कोशिश होती है कि इस मालगाड़ी को तड़के चार बजे रवाना कर दिया जाए। इसके बाद इस रेलमार्ग पर कई सुपरफास्ट यात्री गाड़ियों का संचालन होता है। अगर एक घंटे से ज्यादा का समय मालगाड़ी को बनाने में लगता है तो इसे अगले दिन तक निरस्त कर दिया जाता है। ये बगैर रुके मुगलसराय तक का सफर तय करती है। कोहरे के कारण इसे तैयार करने में मुश्किलें आने लगी हैं। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डा. संचित त्यागी सबसे लंबी मालगाड़ी पर अभी तक कोहरे का ज्यादा असर नहीं पड़ा है।