जसराना(फिरोजाबाद)। कस्बा के मोहल्ला कूचा निवासी परिवार भी रेल हादसे में घायल हो गया। खिड़की काटकर निकाला गया। परिवार के लोग चारों तरफ लाशों के ढेर देखकर सदमे में आ गए। वहीं बहन के पति की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। डरा सहमा एवं घायल परिवार दिल्ली में अपना उपचार करा रहा है।
जसराना निवासी संजू वर्मा पुत्र रामकिशन वर्मा ने फोन पर रेल हादसे का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि हम सभी लोग उत्कल कलिंग एक्सप्रेस के एस-1 कोच में सफर कर रहे थे। उनके साथ पत्नी पूनम, पुत्र श्याम एवं मथुरा निवासी बहन अनीता, रश्मि, बहनोई विजेंद्र सिंह वर्मा, भांजी तन्नू एवं गौरी तथा भांजा किशन एवं भांजे का बेटा केशव थे। ट्रेन तेज रफ्तार से चल रही थी कि तभी अचानक तेज आवाज के साथ कोच में सभी लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गए।
सभी को लगा कि अचानक से बिजली कड़कने के साथ आसमान फट गया है। उनकी बहन एवं पत्नी खिड़की के किनारे बैठे हुए थे जिसके कारण सभी यात्री उनके ऊपर गिर गए। चारों तरफ चीख पुकार मच गई।
किसी तरह से कोच का शीशा तोड़कर खिड़की काट कर बाहर निकाला गया। बाहर का मंजर भयावह और डरावना था। सभी लोग इधर उधर दौड़ रहे थे। चारों तरफ लाशें एवं घायल पडे़ हुए थे। तभी उनके पीछे के एसी कोच की गैस लीक हो गई।
उन्होंने किसी तरह से अपने परिवार को बाहर निकाला। पहले से बीमार मथुरा निवासी बहनोई वीरेंद्र सिंह बेहोश हो गए। उनको खींचकर बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल बहनोई को राहत दल ने सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
बाद में काफी प्रयास के बाद उनको दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया है। अभी भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं साथ में मौजूद सभी के चोटें आईं हैं। जिनका उपचार कराया गया है।
मौत का मंजर देख बंद हो गईं आंखें
ट्रेन में सफर कर रहे संजू वर्मा ने बताया कि मौत का मंजर देखकर उनकी आंखें बंद हो गईं। जिंदगी में पहली बार साक्षात मौत से सामना हुआ। भगवान का शुक्र है कि उनका पूरा परिवार सुरक्षित है। चारों तरफ घायल एवं शवों को देख उन्हें पूरी रात नींद नहीं आई। संजू ने बताया कि उनका सारा सामान ट्रेन में छूट गया है।
गैस के रिसाव से हुई परेशानी
संजू वर्मा ने बताया कि उनके कोच के पीछे एसी कोच था। कोच उनके कोच के उपर आ गया। वहीं कोच में गैस का रिसाव होने लगा। गैस उनके कोच में भी आ गई जिसके कारण कई लोग बेहोश हो गए।