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घोटाले की दरारों पर भ्रष्टाचार का लेप

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मैनपुरी। इटावा से कुरावली तक बन रही फोरलेन सड़क के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं। इसका सबूत है ईशन नदी तिराहे से लेकर भांवत चौराहे तक हो रहा सीसी रोड का निर्माण। लगभग दो किमी के इस हिस्से में एक दर्जन से अधिक दरारें हैं। अनियमितता छिपाने के लिए लोकनिर्माण विभाग ने रसायन का लेप भी किया लेकिन घोटाले की दरारों को भ्रष्टाचार का लेप भी छिपाने में नाकाम साबित हो रहा है।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रदेश की सपा सरकार ने इटावा से लेकर कुरावली तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराने की घोषणा की थी। लगभग 80 किमी लंबी इस सड़क पर कई स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण हुआ है। कई स्थानों पर डामर की सड़क बनी है। इसके अलावा कई नहरों और नदियों पर भी पुलों का निर्माण हुआ है। इस सड़क पर लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस मार्ग को लोकनिर्माण विभाग बना रहा है।

मैनपुरी जिले की सीमा में सड़क की लंबाई कुल 52 किमी है। वहीं शहरी क्षेत्र में फोरलेन सड़क का निर्माण सीसी से किया जा रहा है। करहल चौराहे से लेकर ईशन नदी पुल तक सीसी रोड बनाई गई है। फोरलेन सड़क के इस हिस्से पर दिन रात ट्रैफिक का अत्यधिक लोड रहता है। इटावा और आगरा की ओर से आने वाला ट्रैफिक कुरावली और भोगांव इसी हिस्से से होकर जाता है।
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इसके बाद भी उक्त मार्ग के निर्माण की गुणवत्ता से जमकर खिलवाड़ किया गया है। इसका सबूत है ईशन नदी से लेकर भांवत चौराहे तक की सड़क में एक दर्जन से अधिक दरारें (क्रेक) होना है। यह दरारें सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही पड़ गई हैं। इसके बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। घोटाले की इन दरारों को भ्रष्टाचार का लेप भी नहीं छुपा पा रहा है। यही कारण है कि करहल चौराहे से लेकर यही नहीं कमी को छुपाने के लिए केमिकल से भरवा दिया है। खराब निर्माण को पुन: बनवाने के स्थान पर उसको छुपाने के लिए इस प्रकार का खेल किया जा रहा है। डीएम यशवंत राव का कहना है कि यदि सीसी की सड़क में दो साल में ही दरारें आ गई हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह सड़क सही करने का नियम
मैनपुरी। जानकारों का कहना है कि सीसी सड़क निर्माण के दौरान मार्ग ब्लाक में बनाई जाती है। यदि किसी ब्लाक में दरार आई है तो इसका मतलब प्रयोग की गई सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है। वहीं दरार आने के बाद पूरे ब्लाक को उखाड़ने के बाद दोबारा बनाया जाना चाहिए। यदि दरारों को केमिकल से भरा गया है तो यह गलत है। पूरे ब्लाक को उखाड़कर दोबारा बनाना चाहिए।
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