आगरा। बिजली की बदहाल आपूर्ति से लोग परेशान हैं। शहर से सटे इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हर दिन लोगों को बिजली कटौती के झटके से जूझना पड़ रहा है। विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर क्षमता बढ़ाने से लेकर तारों को बदलने व मरम्मत का दावा करता है लेकिन आपूर्ति में सुधार नहीं हो सका है। दो साल में 100 करोड़ रुपये बिजली सुधारों के लिए खर्च किए गए मगर कम वोल्टेज, ट्रिपिंग सहित अन्य समस्याएं बरकरार हैं।
इस साल भी आगरा जोन में 58 करोड़ रुपये के खर्च का खाका खींचा जा चुका है। टेंडर करके काम शुरू करने का दावा किया जा रहा है। पिछले तीन दिन से लोगों को जबरदस्त बिजली कटौती से जूझना पड़ा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत और क्षमता वृद्धि के बाद आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा। हालांकि कई जगह ट्रांसफार्मरों के पहुंचने के बाद भी कमीशन न होने से स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि कई सबस्टेशनों की क्षमता वृद्धि के साथ ही तारों को बदलने का काम तेजी से किया जा रहा है। कई ट्रांसफार्मरों की भी क्षमता व संख्या बढ़ाई जा रही हैं ताकि ओवरलोडिंग की दिक्कतों को दूर कर लिया जाए।
इस साल होंगे यह काम
क्षमता वृद्धि का कार्य- 560 ट्रांसफॉर्मर
क्षमता वृद्धि पर होने वाला व्यय-15.77 करोड़
अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना-229
इस पर होने वाला व्यय- 7.79 करोड़
33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण-02
इस पर होने वाला व्यय- 17.22 करोड़