फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश बाल न्यायालय पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी बने बाल अपराधी को दोषी पाया। साथ ही दस वर्ष कारावास की सजा सुनाने के साथ 18 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दस माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने बाल अपराधी को 21 वर्ष आयु पूरी होने तक बाल संप्रेक्षण गृह में रखने के आदेश दिए हैं। घटना एक वर्ष पूर्व दक्षिण थाना क्षेत्र में घटी थी।
घटना दक्षिण थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। यहां रहने वाली किशोरी को तीन अप्रैल 2021 को मोहल्ले का निवासी किशोर बुलाकर साथ ले गया। इस दौरान उसने किशोरी के साथ गलत हरकत की। इस मामले में पीड़िता के बाबा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बाल अपराधी को गिरफ्तार कर बाल संरक्षण गृह भेजा था। साथ ही विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश बाल न्यायालय पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद के कोर्ट में हुई। मामले की पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजमोद सिंह चौहान ने तर्को और गवाहों को पेश कर आरोपी को दोषी करार देने और सख्त सजा सुनाने की दलील पेश की। कोर्ट ने गवाहों के बयान और फाइल पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट का दोषी पाया। साथ ही उसे दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी बाल अपराधी को दस माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।