एटा के जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव निवासी 10 वर्षीय बालक को कोरोना पॉजिटिव दर्शाते हुए अन्य मरीजों के साथ इमरजेंसी में ही भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उसके गले में दिक्कत है। आगरा मेडिकल कॉलेज से उसका उपचार चल रहा है।
जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव निवासी 10 वर्षीय बालक के पिता उसे लेकर सोमवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। बताया कि बेटे को गले में दिक्कत है। आगरा के मेडिकल कॉलेज से उपचार चल रहा है। यहां दवा लगवाने के लिए लेकर आया हूं। बालक को एक बेड पर लिटाकर उसको दवा लगा दी गई। वहीं रिपेार्ट आदि देखकर रजिस्टर पर उसको बीमारी में कोरोना लिखा गया।
बालक के पिता का कहना है 8 सितंबर को उसके बेटे को डिप्थीरिया के लक्षण निकले थे। उसको वह लेकर आगरा गया था। वहीं से उपचार चल रहा है। सोमवार को बताया कि बच्चे को दवा लगेगी देर हो जाएगी। बाद में उन्होंने एटा मेडिकल कॉलेज में दवा लगवाने को कहा। यहां लेकर आए और दवा लगा दी गई। गले में दर्द होने की बात वहां बताई थी। वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह ने बताया कि पोर्टल पर कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं चढ़ा है। बालक के बारे में जानकारी नहीं है। ऐसी कोई सूचना भी नहीं मिली है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसको दिखवाया जाएगा। पोर्टल पर काेई कोविड का केस नहीं चढ़ा है। हो सकता है किसी ने गलती से रजिस्टर में लिख दिया हो। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के आने की किसी कर्मी ने सूचना नहीं दी। लैब में उसकी जांच कराई जाती है। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा।