आगरा में थाना सदर के सीओडी क्षेत्र में दस लाख के तार चोरी के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी बदन सिंह थाना कागारौल का हिस्ट्रीशीटर है। उसने अपने साथियों संग वारदात को अंजाम दिया। तार को दिल्ली के कबाड़ी बाजार में बेच दिया। वह बिजली कर्मियों की तरह वर्दी पहनकर और सिर पर हेलमेट लगाकर आए थे। चोरों तक पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहुंच गई।
एसपी सिटी के मुताबिक, बदन सिंह पूर्व में बिजली कार्य करता था। वह कागारौल थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसने साथी दिनेश, भूपेंद्र, बुलंदशहर का मुकेश और सादाबाद के अली के साथ चोरी की योजना बनाई थी। वह ब्रेजा कार से रेकी करने आए थे। तारों के बंडल ले जाने के लिए क्रेन चालक भूपेंद्र यादव और कैंटर चालक फरीद से बात की थी। तार बमरौली अहीर ले जाकर एक प्लॉट में रखे। इनको एक-एक मीटर के टुकड़ों में बांट लिया। इसके बाद गोबर चौकी के कबाड़ी दयाशंकर और सत्येंद्र की मदद से तारों की प्लास्टिक उतार ली। एल्यूमीनियम का वजन 400 किलोग्राम तो प्लास्टिक का 60 किलोग्राम था। आरोपियों ने कार से तार को दिल्ली के कबाड़ी बाजार में बेच दिया था। उन्हें 2.10 लाख रुपये मिले थे। चोरी के दौरान सभी सिर पर हेलमेट लगाकर आए थे, जिससे उन्हें बिजली कंपनी के कर्मचारी समझें।
थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मलपुरा के गांव अजीजपुर निवासी बदन सिंह चाहर (मुख्य आरोपी), उसके साथी हाथरस निवासी दिनेश, मलपुरा के गांव गामरी निवासी भूपेंद्र, क्रेन चालक फिरोजाबाद निवासी भूपेंद्र कुमार यादव और कैंटर चालक जगदीशपुरा निवासी फरीद, कबाड़ी ताजगंज के करीम नगर निवासी सतेंद्र और दयाशंकर हैं। उनसे 1.40 लाख रुपये, एक तमंचा, दो कारतूस, एक आयशर कैंटर, क्रेन, एक कार, 60 किलोग्राम पीवीसी केबल कटा, दो आरी के ब्लेड बरामद किए गए हैं। बदन सिंह पर दस मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी का माल बरामदगी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा शामिल है। वह दो बार जेल जा चुका है।