आगरा। लोहामंडी थाने में एक और बोगस फर्म बनाकर 10 करोड़ रुपये की कर चोरी करने का मामला सामने आया है। जीएसटी के अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। फर्म बनाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए। जिस स्थान का पता दर्शाया, वहां पर एक अन्य दुकान संचालित मिली।
राज्य कर खंड 14 के उपायुक्त राहुल कुमार द्विवेदी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें कमला नगर के पवन मार्केट में संचालित रावत इंटरप्राइजेज फर्म के संचालक मध्य प्रदेश के बरवनी निवासी अक्षत रावत को नामजद किया। उन्होंने फर्म का पंजीकरण ऑनलाइन आवेदन कर 24 मई 2023 को कराया था। 2 अगस्त 2023 को फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया।
यूनीफर्न ट्रेडर्स और साहिल सेल्स का पंजीयन भी वर्ष 2023 में निरस्त किया गया था। इन दोनों फर्मों ने रावत इंटरप्राइजेज को 5.59 करोड़ की आईटीसी अग्रेसित की। टीम की जांच में व्यापार स्थल पर कोई फर्म नहीं मिली। जांच में पता चला कि बोगस फर्म रावत इंटरप्राइजेज की मदद से 10.07 करोड़ की कर चोरी की गई। फर्म के पंजीकरण में भी फर्जी दस्तावेज लगाए गए।