कासगंज। गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण मेहोल बांध पर गंगा के पानी की दस्तक पहुंचने लगी है। जिससे बांध के कटने का खतरा बढ़ गया है। मिहोला बांध कटा तो कम से कम 20 गांव के सामने बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। बुधवार को गंगा के जलस्तर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि गंगा में बाढ़ का स्तर साधारण फ्लड का है। जिससे बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, लेकिन निचले इलाके के बांध में कटान होने पर दिक्कतें हो सकती हैं। रुद्र प्रयाग में पिछले दिनों बादल फटने की घटना के बाद से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है।
गंगा में मंगलवार को जलस्तर 163 मीटर के निशान पर था। बुधवार को सुबह 10 सेंटीमीटर की जलस्तर में और वृद्घि हुई और यह जलस्तर 163.10 मीटर के निशान पर पहुंच गया। नरौरा से बुधवार को 36806 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। आगामी समय में जलस्तर में और वृद्घि होने की संभावना बनी हुई है। क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज बढ़कर आ रहा है।
बढ़ते जलस्तर में मिहोला बांध पर गंगा के पानी की दस्तक हो गई है। पानी दबाव बढ़ने पर पहले से क्षतिग्रस्त बांध कट सकता है क्योंकि इस बांध की मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायत ने नहीं कराया। ऐसी स्थिति में कादरगंज पुख्ता, इंदाजशनपुर, सिकंदरपुर वैश्य, प्रीतम नगर हरौड़ा, किला असदगढ़, नरदोली पुख्ता, विजयनगर, बहोरा, नगला दरका ग्राम पंचायतों के 20 गांव जुड़े हुए हैं। जलस्तर बढ़ने से इन ग्रामों के लिए खतरा हो सकता है। जिससे ग्रामीण चिंतित हैं।
युवा मंच संगठन जिलाध्यक्ष ओम देव शाक्य का कहना है कि गंगा मे जलस्तर बढ़ने से मिहोला के कच्चा बांध को खतरा बढ़ गया है। यदि 2 दिन के भीतर बांध की मरम्मत नहीं कराई गई तो ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। ग्राम प्रधान प्रीती, ग्रामीण वीर सिंह, रामस्वरूप, दरबारी लाल, डीलर सत्यपाल सिंह, सोनपाल सिंह, मुन्नालाल, अवनीश, अर्जुन बघेल, चंद्रभान, पंकज, रोहित शाक्य, देवेन्द्र शाक्य,मोरपाल सिंह, सरवन सिंह, मोहर सिंह, अंकित चौहान, रामनरेश, विनय शर्मा, कन्हैया चौहान, रजनेश शाक्य, दिनेश बौद्ध, मिलन कुमार श्रीवास्तव, वैभव चौहान आदि ने बांध की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।